रक्षाबंधन पर बाबा विश्वनाथ को अर्पित की गई राखी, भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुख-समृद्धि का मांगा आशीर्वाद
वाराणसी। धर्म और आस्था की नगरी काशी में रक्षाबंधन का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के प्रतीक इस पर्व पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भी विशेष आस्था का दृश्य देखने को मिला। बाबा विश्वनाथ को राखी अर्पित कर भगवान से भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को सदैव मजबूत बनाए रखने की प्रार्थना की गई।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मंगला आरती श्रृंगार के दौरान बाबा विश्वनाथ का भव्य श्रृंगार कर आस्था की पावन राखी अर्पित की गई। इसके बाद भगवान से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। भक्तों का मानना रहा कि जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी तरह बाबा विश्वनाथ समस्त भक्तों के संरक्षक हैं। इसी भावना के साथ भगवान को राखी समर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
बाबा विश्वनाथ को भाई मानकर अर्पित की राखी
काशी में रक्षाबंधन की परंपरा केवल पारिवारिक रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धार्मिक आस्था और भावनात्मक जुड़ाव भी दिखाई देता है। बाबा विश्वनाथ को अपना संरक्षक और परिवार का सदस्य मानते हुए राखी अर्पित की गई। इस दौरान भक्तों ने प्रार्थना की कि बाबा विश्वनाथ सभी भाई-बहनों के बीच प्रेम, स्नेह, विश्वास और अपनापन बनाए रखें।
भगवान विश्वनाथ से यह भी कामना की कि हर परिवार में आपसी प्रेम बना रहे, भाई-बहन के रिश्ते में कभी दूरी न आए और सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो। बाबा के दरबार में राखी अर्पित करने का यह दृश्य श्रद्धा के साथ-साथ भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गहराई को भी दर्शाता रहा।
काशी की धार्मिक परंपरा में दिखा रिश्तों का भाव
रक्षाबंधन पर बाबा विश्वनाथ को राखी अर्पित किए जाने से काशी की धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का अनूठा स्वरूप सामने आया। काशीवासियों और श्रद्धालुओं के लिए बाबा विश्वनाथ केवल आराध्य देव ही नहीं, बल्कि संकट के समय अपने भक्तों की रक्षा करने वाले संरक्षक के रूप में भी पूजनीय हैं।
इसी विश्वास के चलते रक्षाबंधन के दिन भगवान को राखी अर्पित कर भक्तों ने अपने परिवार और समाज की रक्षा एवं मंगल की कामना की। मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण धार्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत नजर आया। हर ओर रक्षाबंधन की शुभकामनाओं के साथ बाबा विश्वनाथ के जयकारे और पूजा-अर्चना का माहौल दिखाई दिया।