नमो ब्रिज होगा सिग्नेचर ब्रिज का नाम, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने काशी स्टेशन का किया निरीक्षण, बोले- मध्यमवर्गीय लोगों के लिए बड़ी सौगात है स्लीपर वंदेभारत 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन काशी रेलवे स्टेशन और सिग्नेचर ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने सिग्नेचर ब्रिज का नाम ‘नमो ब्रिज’ रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नमो ब्रिज और काशी स्टेशन के तैयार होने के बाद पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। ये दोनों परियोजनाएं आने वाले समय में परिवहन के महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगी।
 

काशी स्टेशन पर 50 हजार यात्रियों की क्षमता वाला मेगा ट्रांसपोर्टेशन हब बनेगा

स्टेशन से 100 से अधिक ट्रेनों का होगा आवागमन, अगले 100 वर्षों के हिसाब से प्लानिंग 

काशी स्टेशन और नमो ब्रिज के निर्माण के बाद देश के लिए बढ़ेगी कनेक्टिविटी 

वाराणसी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन काशी रेलवे स्टेशन और सिग्नेचर ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने सिग्नेचर ब्रिज का नाम ‘नमो ब्रिज’ रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नमो ब्रिज और काशी स्टेशन के तैयार होने के बाद पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। ये दोनों परियोजनाएं आने वाले समय में परिवहन के महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगी।

रेल मंत्री वाराणसी से नई दिल्ली के बीच शुरू होने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन काशी के लिए बड़ी सौगात है। इसे वाराणसी और दिल्ली के बीच रात्रिकालीन यात्रा को ध्यान में रखकर विशेष सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। यह मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सुविधाजनक और आरामदायक यातायात का विकल्प बनेगी। उन्होंने स्लीपर वंदे भारत के साथ मेमू ट्रेनों के संचालन और उनकी उपयोगिता पर भी बात की।


100 से अधिक ट्रेनों का होगा आवागमन
काशी स्टेशन के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि शहर के कई रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से विकास किया जा रहा है। काशी स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मेगा ट्रांसपोर्टेशन हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां छह प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं और स्टेशन के दोनों तरफ प्लेटफार्म की सुविधा होगी। इसकी संरचना फुटबॉल मैदान की तर्ज पर विकसित की जा रही है, जहां एक साथ करीब 50 हजार यात्रियों के ठहरने की क्षमता होगी। स्टेशन से 100 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होगा।


उन्होंने बताया कि स्टेशन का निर्माण काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर कराया जा रहा है। इसके दक्षिणी छोर से बाबा विश्वनाथ धाम की दूरी करीब ढाई किलोमीटर होगी। इससे बाबा के दर्शन-पूजन के लिए काशी आने वाले हजारों-लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

अगले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि काशी स्टेशन और नमो ब्रिज का निर्माण अगले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। आने वाले समय में यहां से सैकड़ों नई ट्रेनों की शुरुआत की जाएगी। इन परियोजनाओं से वाराणसी के साथ पूरे पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिलेगा और देश के अन्य हिस्सों तक आवागमन आसान होगा।

उन्होंने प्रदेश के विकास के संदर्भ में प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख किया। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। शुक्रवार को गृह मंत्री की ओर से दिए गए बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार उत्तर प्रदेश में अंगद के पांव की तरह जमी रहेगी।