सत्ता के बगैर बिन पानी मछली की तरह तड़प रहे राहुल गांधी, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने किया सीधा हमला, बोले-राहुल को तीन बार नकार चुकी है जनता

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। बुधवार को संस्कृति संसद में पहुंचे शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी की ओर से खुली बहस की चुनौती दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राहुल गांधी सत्ता के बिना पानी से बाहर मछली की तरह तड़प रहे हैं। जनता उन्हें तीन बार नकार चुकी है और उनके नाम रिजेक्शन की हैट्रिक हो चुकी है।
 

संस्कृति संसद में पहुंचे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती पर किया पलटवार

बोले- जनता तीन बार नकार चुकी है, रिजेक्शन की हैट्रिक पूरी हो गई, विपक्ष को देश का विकास हजम नहीं हो रहा, विदेश में जाकर प्रधानमंत्री की आलोचना करना देशभक्ति नहीं

वाराणसी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। बुधवार को संस्कृति संसद में पहुंचे शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी की ओर से खुली बहस की चुनौती दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राहुल गांधी सत्ता के बिना पानी से बाहर मछली की तरह तड़प रहे हैं। जनता उन्हें तीन बार नकार चुकी है और उनके नाम रिजेक्शन की हैट्रिक हो चुकी है।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। देश की प्रगति और विकास विपक्ष को हजम नहीं हो रहा है। विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है। प्रधानमंत्री के साथ देश की 140 करोड़ जनता और यहां उपस्थित संत-महंत भी खड़े हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार प्रधानमंत्री को बहस की चुनौती देते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के पास देश के विकास और उसे आर्थिक महाशक्ति बनाने की जिम्मेदारी है।

शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के पास समय खाली है, इसलिए वे कभी मोर्चा निकालते हैं तो कभी आंदोलन करते हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय तक के खिलाफ मोर्चा निकाला, जो देश की सर्वोच्च न्याय व्यवस्था का अपमान है। देश में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ।

विपक्ष पर देश को तोड़ने का आरोप
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर देश को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को जोड़ने का काम कर रहे हैं, जबकि विपक्ष देश को बांटने में जुटा है। विपक्ष के नेता विदेश में जाकर प्रधानमंत्री और देश की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि विदेश में जाकर देश की आलोचना करना देशभक्ति नहीं, बल्कि देशद्रोह है।