पुष्कर तालाब की सीढ़ियां फिर उखड़ीं, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

अस्सी क्षेत्र स्थित प्राचीन पुष्कर तालाब की नवनिर्मित सीढ़ियां एक बार फिर टूटकर उखड़ने लगी हैं। सीढ़ियों के नीचे से बालू और रेत निकलने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही सीढ़ियों का निर्माण और मरम्मत कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद जगह-जगह से टूटने लगी हैं। इससे तालाब पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
 

नीचे से निकल रही बालू-रेत, सामाजिक कार्यकर्ता ने सुंदरीकरण कार्य में लगाया अनियमितता का आरोप, जांच की मांग 

वाराणसी। अस्सी क्षेत्र स्थित प्राचीन पुष्कर तालाब की नवनिर्मित सीढ़ियां एक बार फिर टूटकर उखड़ने लगी हैं। सीढ़ियों के नीचे से बालू और रेत निकलने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही सीढ़ियों का निर्माण और मरम्मत कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद जगह-जगह से टूटने लगी हैं। इससे तालाब पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।

जागृति फाउंडेशन के महासचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता रामयश मिश्र ने आरोप लगाया कि तालाब के सुंदरीकरण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि सीढ़ियों के नीचे बालू-रेत दिखाई दे रही है और पर्याप्त सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किए जाने के कारण सीढ़ियां खोखली हो गई हैं। इसी वजह से वे बार-बार टूट रही हैं।

आधा दर्जन बार निर्माण का दावा
रामयश मिश्र के मुताबिक, पुष्कर तालाब की सीढ़ियों की समस्या पुरानी है। उनका दावा है कि करीब आधा दर्जन बार सीढ़ियों का निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन कुछ ही समय बाद फिर टूटने लगती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार सरकारी धन खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य टिकाऊ क्यों नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने सुंदरीकरण कार्य कराने वाली कार्यदायी संस्था सीएनडीयूएस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, पूर्व में तत्कालीन महापौर रामगोपाल मोहले और नगर आयुक्त ने काम पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।

मरम्मत के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि कुछ महीने पहले वर्तमान पार्षद स्वयं मौके पर मौजूद रहकर टूटी सीढ़ियों की मरम्मत करा चुके हैं। इसके बावजूद दोबारा सीढ़ियां उखड़ने लगी हैं। मंगलवार शाम क्षेत्रीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भी तालाब का निरीक्षण किया था। हालांकि, अंधेरा होने के कारण टूटी सीढ़ियां संभवतः उनकी नजर में नहीं आ सकीं।

जांच और कार्रवाई की मांग
रामयश मिश्र ने जिला प्रशासन से सुंदरीकरण कार्य की जांच कराने, निर्माण की गुणवत्ता परखने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने भी तालाब का निरीक्षण कर सीढ़ियों की मरम्मत और स्थायी समाधान कराने की मांग की है।