पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों पर वाराणसी में प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का समर्थन, राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को वाराणसी में सामाजिक संगठन "समस्त भारतवासी" के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने शास्त्री घाट कचहरी से गोलघर और अर्दली बाजार होते हुए जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला तथा राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
 

वाराणसी। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को वाराणसी में सामाजिक संगठन "समस्त भारतवासी" के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने शास्त्री घाट कचहरी से गोलघर और अर्दली बाजार होते हुए जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला तथा राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर अपनी मांगें रखीं।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और बेरोजगारी से युवा वर्ग गहरी चिंता में है, ऐसे में इन मुद्दों पर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

ज्ञापन में दावा किया गया कि शिक्षाविद सोनम वांगचुक छात्रों के हितों और कथित NEET पेपर लीक प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर 21 दिनों तक जंतर-मंतर पर अनशन पर रहे। संगठन ने आरोप लगाया कि संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रस्तावित 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल पर कार्रवाई की गई और सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ज्ञापन में इस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की गई।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील करते हुए चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने, सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने तथा युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की मांग शामिल रही। इसके अलावा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने की भी अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए और शिक्षा एवं रोजगार जैसे मुद्दों का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना देश के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

प्रदर्शन में कैलाश पटेल, मुकेश सिंह, देवकांत वर्मा, रेखा जायसवाल, मनीष गुप्ता, घनश्याम पांडे, अर्चना श्रीवास्तव, प्रिया पटेल, मनीष कसौधन, रोशन बरनवाल, ओम कुमार, कांता प्रसाद, शाहनवाज खान, सारदा टंडन, डॉ. अहिल्या, गुलाब सिंह राठौर और रमेश पटेल सहित संगठन के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।