बीएचयू में फिर भड़का कर्मचारियों का आक्रोश, नई भर्ती प्रक्रिया के विरोध में मधुबन पार्क में प्रदर्शन
वाराणसी। बीएचयू में संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित मधुबन पार्क में कर्मचारियों ने मंगलवार को दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पहले 18 दिनों तक चले आंदोलन को प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया था, लेकिन अब नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से कर्मचारियों में असंतोष गहरा गया है।
दरअसल, कनिष्ठ लिपिक (जूनियर क्लर्क) पद के लिए भर्ती का एडमिट कार्ड जारी होते ही कर्मचारियों ने इसे अपने साथ विश्वासघात बताया और बड़ी संख्या में एकत्र होकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि पिछले धरने के दौरान प्रशासन के साथ हुई वार्ता में उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और नियमितीकरण की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। इसी आश्वासन के आधार पर उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था।
कर्मचारियों का आरोप है कि अब नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे साफ है कि प्रशासन अपने वादे से पीछे हट गया है। उनका कहना है कि वर्षों से विश्वविद्यालय में सेवा दे रहे संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की अनदेखी करना अन्यायपूर्ण है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पहले से कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए नियमित किया जाए और फिलहाल नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय की सेवा कर रहे हैं और ऐसे में उनके भविष्य को सुरक्षित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मधुबन पार्क में चल रहा यह विरोध प्रदर्शन फिलहाल शांतिपूर्ण बना हुआ है। मौके पर विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा कर्मी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इससे आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।