यूजीसी रेग्युलेशन के विरोध में सवर्ण समाज का धरना 27वें दिन भी जारी, भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी

यूजीसी 2026 के नए इक्विटी रेग्युलेशन में आरक्षण संबंधी प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के शास्त्री घाट पर इन प्रावधानों के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 27वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
 

शास्त्री घाट पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग, एडीएम सिटी ने धरनारत लोगों से की वार्ता

वाराणसी। यूजीसी 2026 के नए इक्विटी रेग्युलेशन में आरक्षण संबंधी प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के शास्त्री घाट पर इन प्रावधानों के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 27वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके विरोध में पिछले चार दिनों से कई प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। धरना स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भूख हड़ताल पर बैठने वालों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई निश्चित संख्या तय नहीं की गई है।

एडीएम सिटी ने प्रदर्शनकारियों से की वार्ता
धरने और भूख हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए एडीएम सिटी डॉ. राजेश धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों और समस्याओं के बारे में जानकारी ली। हालांकि, वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त होने को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने का नेतृत्व कर रहे लोगों ने कहा कि वे यूजीसी 2026 से संबंधित आरक्षण प्रावधानों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

सांसद या केंद्रीय मंत्री से वार्ता की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनके सांसद अथवा केंद्र सरकार का कोई मंत्री धरना स्थल पर पहुंचकर उनकी बात नहीं सुनता और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक धरना अनवरत चलता रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

ये हैं प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में यूजीसी के कथित काले कानून को वापस लेना, आरक्षण व्यवस्था में सुधार कर आर्थिक आधार लागू करना और सवर्ण आयोग का गठन करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।