आयुर्वेद शोध में बीएचयू के प्रो. बी. राम को मिला रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित हुए द्रव्यगुण विभाग के प्रोफेसर

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के द्रव्यगुण विभाग के प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. बी. राम को आयुर्वेद और सिद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में शोध योगदान के लिए ‘रिसर्च एक्सीलेंस इन आयुर्वेद/सिद्ध मेडिसिन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वीडीगुड प्रोफेशनल एसोसिएशन, भारत की ओर से आयोजित ‘आयुर्वेद और सिद्ध चिकित्सा-2026’ के छठे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के द्रव्यगुण विभाग के प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. बी. राम को आयुर्वेद और सिद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में शोध योगदान के लिए ‘रिसर्च एक्सीलेंस इन आयुर्वेद/सिद्ध मेडिसिन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वीडीगुड प्रोफेशनल एसोसिएशन, भारत की ओर से आयोजित ‘आयुर्वेद और सिद्ध चिकित्सा-2026’ के छठे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया।

आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन का आयोजन ऑनलाइन किया गया, जिसमें विभिन्न देशों से आयुर्वेद और सिद्ध चिकित्सा के विशेषज्ञों ने शोध, उपचार पद्धतियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ने से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। इसी दौरान प्रो. बी. राम को आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके शोध कार्य और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

मधुमेह पर शोधपत्र किया प्रस्तुत
सम्मेलन में प्रो. बी. राम ने टाइप-2 डायबिटीज मेलिटस से संबंधित अपने शोध कार्य पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। इसका विषय ‘मधुमेह (टाइप-2 डायबिटीज मेलिटस) में आयुर्वेदिक क्लासिक्स के कुछ यौगिक हर्बल फॉर्मूलेशन की पहचान और सत्यापन’ रहा। शोधपत्र में आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित कुछ यौगिक हर्बल फॉर्मूलेशन की पहचान तथा उनके वैज्ञानिक सत्यापन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।

द्रव्यगुण विज्ञान में लंबे समय से शोध
प्रो. बी. राम लंबे समय से आयुर्वेद के द्रव्यगुण विज्ञान और शोध से जुड़े हैं। इस विषय में औषधीय पौधों, उनके गुणों और चिकित्सकीय उपयोग का अध्ययन किया जाता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित औषधीय योगों को आधुनिक शोध पद्धतियों के माध्यम से समझने और उनके वैज्ञानिक पहलुओं का अध्ययन करने पर भी उनका कार्य केंद्रित रहा है।

आयोजकों ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को वैज्ञानिक शोध के साथ जोड़ने की दिशा में ऐसे अध्ययन महत्वपूर्ण हैं। प्रो. बी. राम को मिले सम्मान पर बीएचयू परिवार और आयुर्वेद से जुड़े शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की। विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों ने इसे संस्थान के लिए उपलब्धि बताते हुए प्रो. राम को बधाई दी।