वाराणसी में प्रति हेक्टेयर 33.560 कुंतल उत्पादन, डीएम ने अपने सामने कराई क्रॉप कटिंग 

जिले में फसलों के वास्तविक उत्पादन का आकलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने विकासखंड हरहुआ के ग्राम सभा मुर्दहा में स्वयं उपस्थित रहकर गेहूं की क्रॉप कटिंग कराई। इस दौरान दो अलग-अलग खेतों में निर्धारित मानकों के अनुसार कटाई कर उत्पादन का आंकलन किया गया।
 

वाराणसी। जिले में फसलों के वास्तविक उत्पादन का आकलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने विकासखंड हरहुआ के ग्राम सभा मुर्दहा में स्वयं उपस्थित रहकर गेहूं की क्रॉप कटिंग कराई। इस दौरान दो अलग-अलग खेतों में निर्धारित मानकों के अनुसार कटाई कर उत्पादन का आंकलन किया गया।

जिलाधिकारी की निगरानी में अवनीश कुमार के खेत (अराजी संख्या 350) पर श्रीराम 303 प्रजाति के गेहूं की 43.3 वर्गमीटर क्षेत्र में क्रॉप कटिंग की गई। इस कटाई में कुल 14.530 किलोग्राम गेहूं प्राप्त हुआ। इसके आधार पर प्रति हेक्टेयर उत्पादन 33.560 कुंतल, प्रति एकड़ 13.420 कुंतल, प्रति बीघा 8.390 कुंतल और प्रति बिस्वा 0.420 कुंतल दर्ज किया गया।

इसी क्रम में निहोरी यादव के खेत में भी समान क्षेत्रफल (43.3 वर्गमीटर) पर क्रॉप कटिंग कराई गई, जिसमें 16.340 किलोग्राम गेहूं प्राप्त हुआ। इस उत्पादन के आधार पर प्रति हेक्टेयर 37.740 कुंतल, प्रति एकड़ 15.090 कुंतल, प्रति बीघा 9.430 कुंतल तथा प्रति बिस्वा 0.470 कुंतल उपज दर्ज की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि क्रॉप कटिंग का उद्देश्य फसलों की वास्तविक उपज का वैज्ञानिक और पारदर्शी आकलन करना है, जिससे किसानों को योजनाओं का सही लाभ मिल सके और बीमा या अन्य सरकारी दावों में किसी प्रकार की विसंगति न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न किया जाए। इस मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।