प्रयागराज पुलिस स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से करेगी पूछताछ, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई है एफआईआर
वाराणसी। बच्चों से कथित यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रयागराज पुलिस की टीम शंकराचार्य से पूछताछ करेगी। पुलिस टीम वाराणसी के लिए रवाना हो चुकी है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
यह मामला आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की ओर से दायर वाद के बाद आगे बढ़ा। प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर शनिवार देर रात झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। मुकदमे में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान दो नाबालिग बच्चों के साथ दुष्कर्म किया गया। कोर्ट में बच्चों के बयान कैमरे के सामने दर्ज किए गए थे।
शंकराचार्य ने कहा-जांच में करेंगे सहयोग
सोमवार सुबह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने समर्थक अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट का रुख किया जा सकता है। हालांकि प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वह कहीं भाग नहीं रहे हैं और गिरफ्तारी का विरोध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में पूरा सहयोग करेंगे और “सच्चाई सामने आएगी।”
उन्होंने आरोपों को “फर्जी” बताते हुए कहा कि यह मामला उनके खिलाफ साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके धार्मिक मतभेदों को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
शिकायतकर्ता का दावा
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि उनके ट्रस्ट के शिविर में आए दो नाबालिग शिष्यों ने अपने साथ हुए कथित दुष्कर्म की जानकारी दी। बच्चों ने आरोप लगाया कि एक वर्ष तक विभिन्न मौकों पर उनके साथ गलत कृत्य किया गया और इसे “गुरु-सेवा” बताकर दबाव बनाया जाता था।
शिकायतकर्ता के अनुसार 24 जनवरी को झुंसी थाने में तहरीर दी गई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों को ई-मेल और डाक के माध्यम से शिकायत भेजी गई। कार्रवाई न होने पर 8 फरवरी को कोर्ट की शरण ली गई, जिसके बाद 21 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ।
तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पूछताछ और साक्ष्य संकलन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। मामला सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस निष्पक्ष जांच की बात कह रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।