पोस्टर लगाने से विकास नहीं होता, काम की तुलना करे जनता : आशुतोष सिन्हा

समाजवादी पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए विकास के दावों और चुनावी वादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल बड़े-बड़े पोस्टर लगाने और प्रचार करने से विकास नहीं होता। जनता को राजनीतिक दलों के दावों के बजाय उनके कार्यकाल में हुए वास्तविक कामों का आकलन करना चाहिए।
 

नौकरी और 15 लाख रुपये देने के वादों पर उठाए सवाल, बनारस को क्योटो बनाने के दावे पर भी साधा निशाना

वाराणसी। समाजवादी पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए विकास के दावों और चुनावी वादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल बड़े-बड़े पोस्टर लगाने और प्रचार करने से विकास नहीं होता। जनता को राजनीतिक दलों के दावों के बजाय उनके कार्यकाल में हुए वास्तविक कामों का आकलन करना चाहिए।

आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने और लोगों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये भेजने जैसे वादों के कारण जनता का भरोसा प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब जनता को यह समझना होगा कि किस राजनीतिक दल ने अपने वादों को पूरा करने के लिए कितना काम किया है।

बनारस को क्योटो बनाने के दावे पर उठाए सवाल
सपा प्रत्याशी ने वाराणसी को क्योटो की तर्ज पर विकसित करने के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद काम नहीं करते, वे दूसरों की आलोचना करने में लगे रहते हैं। केवल पोस्टर और प्रचार के माध्यम से विकास की तस्वीर पेश नहीं की जा सकती। विकास का आकलन जमीन पर हुए कार्यों और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता को राजनीतिक दलों के कार्यों की तुलना करके निर्णय लेना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव के दौरान किए जाने वाले दावों और वास्तविक उपलब्धियों के बीच अंतर को समझना जरूरी है।

विधायकों के भाजपा में जाने की चर्चाओं को किया खारिज
समाजवादी पार्टी के विधायकों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर भी आशुतोष सिन्हा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन चर्चाओं और अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि सपा के विधायक सम्मानित हैं और पार्टी को मजबूत करने में लगातार योगदान दे रहे हैं।

18 साल बनाम छह साल के कामकाज की तुलना 
आशुतोष सिन्हा ने जनता और मीडिया से भाजपा तथा सपा के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की तुलना करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा के 18 साल और समाजवादी पार्टी के छह साल के कार्यकाल में हुए कार्यों का तुलनात्मक आकलन करने से दोनों दलों के प्रदर्शन की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक दलों की असली पहचान उनके प्रचार से नहीं, बल्कि जनता के हित में किए गए कामों से होती है।