गोंड समाज के जाति प्रमाण पत्र निरस्तीकरण पर गरमाई सियासत, पत्रक सौंपकर राज्यपाल से लगाई गुहार 

गोंड समाज से जुड़े जाति प्रमाण पत्रों के निरस्तीकरण का मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी उत्तर प्रदेश ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुखबुद्ध सिंह मरावी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
 

वाराणसी। गोंड समाज से जुड़े जाति प्रमाण पत्रों के निरस्तीकरण का मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी उत्तर प्रदेश ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुखबुद्ध सिंह मरावी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वाराणसी में गठित स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा गोंड समाज के कई लोगों के जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों को मानसिक, सामाजिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि प्रमाण पत्र रद्द होने से युवाओं की शिक्षा, नौकरी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है।

इसके साथ ही ज्ञापन में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जनजाति वर्ग की सीटों पर कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई है। पार्टी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शासनादेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मांग की है कि निरस्त किए गए जाति प्रमाण पत्रों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए। चेतावनी देते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।