थाना गोद लेंगे अधिकारी, नियमित पर्यवेक्षण की होगी जिम्मेदारी, पुलिस कमिश्नर की नई पहल से बेहतर होगी पुलिसिंग

 
कमिश्नरेट वाराणसी में बेहतर पुलिसिंग और थानों की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए थाना गोद लेने की पहल के तहत अधिकारियों को नियमित पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। अधिकारी थानों में अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण की नियमित समीक्षा करेंगे। साथ ही सामने आने वाली कमियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंगे। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को थाना कैंट का निरीक्षण कर यह निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने वरुणा जोन के कैंट और रोहनिया सर्किल के थानों में लंबित कालबाधित विवेचनाओं की समीक्षा भी की।
 

अपराध नियंत्रण से लेकर जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण तक पर जोर, थानों की कमियों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश

मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मी स्कूलों, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों में चलाएंगी जागरूकता अभियान

नए रिक्रूट आरक्षियों का होगा साप्ताहिक मूल्यांकन, सभी को बीट आवंटित करने का निर्देश

वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में बेहतर पुलिसिंग और थानों की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए थाना गोद लेने की पहल के तहत अधिकारियों को नियमित पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। अधिकारी थानों में अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण की नियमित समीक्षा करेंगे। साथ ही सामने आने वाली कमियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंगे। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को थाना कैंट का निरीक्षण कर यह निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने वरुणा जोन के कैंट और रोहनिया सर्किल के थानों में लंबित कालबाधित विवेचनाओं की समीक्षा भी की।

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विवेचनाओं का निस्तारण केवल समयसीमा के भीतर ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। प्रत्येक प्रकरण में प्रभावी पर्यवेक्षण और साक्ष्यों का समुचित संकलन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान अपराध नियंत्रण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, तकनीकी पुलिसिंग और पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया।

थाना गोद लेने की पहल के तहत होगी नियमित समीक्षा
कमिश्नरेट में थाना गोद लेने की पहल को बेहतर पुलिसिंग से जोड़ते हुए पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को थानों की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। इसके तहत अपराध नियंत्रण की स्थिति, लंबित मामलों, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़े विषयों की नियमित समीक्षा की जाएगी।

थानों में यदि किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो उसका समयबद्ध समाधान कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य थानों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न कार्यों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ पर्यवेक्षण करने तथा समस्याओं के निस्तारण पर ध्यान देने को कहा गया।

कालबाधित विवेचनाओं के निस्तारण पर जोर
पुलिस आयुक्त ने कैंट और रोहनिया सर्किल के थानों में लंबित कालबाधित विवेचनाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन किया जाए और विवेचना का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रभावी पर्यवेक्षण पर जोर देते हुए कहा कि लंबित विवेचनाओं की प्रगति पर नजर रखी जाए। अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की कार्रवाई प्रभावी और व्यवस्थित होनी चाहिए।

साइबर और तकनीकी पुलिसिंग की दक्षता बढ़ाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों से साइबर सुरक्षा और तकनीकी पुलिसिंग से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने प्रतिबिम्ब एप, सीसीटीएनएस, आरटीसी, जेडएफडी, फॉरेंसिक जांच, साक्ष्य संकलन, सीडीआर और आईपीडीआर के संबंध में सवाल किए। पुलिसकर्मियों को इन तकनीकी विषयों में अपनी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। आधुनिक तकनीक के उपयोग और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी को प्रभावी पुलिसिंग के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

मिशन शक्ति केंद्र से महिलाओं और छात्राओं तक पहुंचेगी पुलिस
महिला सुरक्षा और जागरूकता को लेकर पुलिस आयुक्त ने मिशन शक्ति केंद्र पर नियुक्त महिला पुलिसकर्मियों को नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। महिला पुलिसकर्मी विद्यालयों, हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगी। इस दौरान महिलाओं और छात्राओं की समस्याएं जानने के साथ उन्हें पुलिस की हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।

महिला पुलिसकर्मियों को 1090, 112 और 1930 हेल्पलाइन के बारे में जागरूक करने को कहा गया। शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनके क्रियाशील होने की नियमित जांच भी की जाएगी। व्यवस्था में कमी मिलने पर संबंधित संस्थानों को नोटिस देने तथा शोहदों और संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महिला पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन फील्ड में रहकर गश्त, चेकिंग और जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा गया। उन्हें महिलाओं और छात्राओं से नियमित संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने के निर्देश भी दिए गए।

नए रिक्रूट आरक्षियों का होगा साप्ताहिक मूल्यांकन
पुलिस आयुक्त ने नए रिक्रूट आरक्षियों से पुलिसिंग और तकनीकी विषयों की जानकारी ली। उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए साप्ताहिक मूल्यांकन करने तथा सभी आरक्षियों को बीट आवंटित करने के निर्देश दिए। इससे उनकी दक्षता और क्षेत्रीय पुलिसिंग से जुड़ी जिम्मेदारियों की नियमित समीक्षा की जा सकेगी।

जनसुनवाई में सम्मानजनक व्यवहार, यातायात पर निगरानी
जनसुनवाई में तैनात पुलिसकर्मियों को आगंतुकों के साथ सौम्य और सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने और सकारात्मक फीडबैक के साथ जनसुनवाई करने को कहा गया। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए अधिकारियों, थानाध्यक्षों और हल्का प्रभारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। अतिक्रमण हटाने, जाम की स्थिति रोकने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया गया।

पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और स्वच्छता पर ध्यान
पुलिस आयुक्त ने थानों में पुलिसकर्मियों के कल्याण को भी प्राथमिकता देने को कहा। मेस में स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और कर्मचारियों की मूलभूत आवश्यकताओं का नियमित ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। थाना परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, आगंतुकों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और महिलाओं के लिए अलग से दो शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन लिपि नागयाच सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।