क्राइम कंट्रोल और कानून-व्यवस्था पर पुलिस आयुक्त सख्त, लंबित विवेचनाएं 30 दिन में पूरी करने के निर्देश, एनबीडब्ल्यू मामलों के लिए चलेगा तीन दिन का विशेष अभियान
वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने रविवार को कैंप कार्यालय में राजपत्रित अधिकारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित विवेचनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जघन्य अपराधों, गैंगस्टर एक्ट, गोवध, एनडीपीएस अधिनियम, ई-समन, ई-नोटिस, ई-वारंट, ई-साक्ष्य, यूनिक एसआईडी (SID) क्रिएशन और एसआर (SR) मामलों की स्थिति का आकलन करते हुए सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी विवेचना को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रत्येक मामले की जांच निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हो और कोई भी विवेचना 30 दिनों से अधिक लंबित न रहे। इसके लिए नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में लंबित गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के निष्पादन की समीक्षा करते हुए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के दौरान वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा प्रतिदिन उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस आयुक्त ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की विवेचना भी प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
समीक्षा बैठक में न्यायिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण पर भी विशेष बल दिया गया। पुलिस आयुक्त ने ई-समन, ई-नोटिस और ई-वारंट का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने तथा तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ई-साक्ष्य पोर्टल पर डिजिटल साक्ष्यों को समय पर अपलोड करने और प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्यों के समुचित संधारण एवं उपयोग को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा।
गैंगस्टर एक्ट एवं गुंडा एक्ट के तहत चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई जारी रखने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। वहीं यूनिक एसआईडी (SID) क्रिएशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रविष्टियों का शीघ्र सत्यापन कर शत-प्रतिशत यूनिक एसआईडी तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
महिला अपराधों को लेकर पुलिस आयुक्त ने जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष विवेचना करने और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़िताओं को समयबद्ध न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस आयुक्त ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, प्रभावी गश्त बढ़ाने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, बेहतर यातायात प्रबंधन और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि सभी पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा सहित सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि कमिश्नरेट वाराणसी के सभी थाना प्रभारी गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन जुड़कर समीक्षा बैठक में शामिल हुए।