पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल बोले- त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल हैं अमर जवान

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सेवा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को नमन किया गया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के बलिदान को याद किया।
 

रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अर्पित किए पुष्पचक्र, दो मिनट का मौन रखकर वीर सपूतों को किया याद

वाराणसी। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सेवा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को नमन किया गया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के बलिदान को याद किया।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण रही है। जनसेवा के उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए कर्तव्य पथ पर प्राणों की आहुति देने वाले शहीद पुलिसकर्मी सदैव अमर रहेंगे। उनका अदम्य साहस और देशभक्ति पुलिस बल को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।

जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
श्रद्धांजलि समारोह में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा 'दयालु', राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया, अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा, पुलिस महानिरीक्षक वैभव कृष्ण, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा तथा अपर पुलिस आयुक्त अपराध राठौड़ किरीट कुमार हरिभाई समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस का कार्य चुनौतीपूर्ण और जोखिमों से भरा होता है। नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था और कानून का पालन सुनिश्चित करने के दौरान पुलिसकर्मी अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। कई बार कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्हें अपने प्राणों तक का बलिदान देना पड़ता है। उनका समर्पण राष्ट्रसेवा की सर्वोच्च मिसाल है।

1959 के वीर जवानों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है दिवस
पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक संबंध 21 अक्टूबर 1959 से है। उस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में गश्त कर रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 10 वीर जवानों ने प्राणों का बलिदान दिया, जबकि सात जवान घायल हुए थे। उन्हीं जवानों की वीरता और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

समारोह के अंत में पुलिसकर्मियों ने नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प दोहराया। शहीदों के परिजनों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की गई।