सावन के पहले सोमवार को श्री काशी विश्वाथ धाम पहुंचे पुलिस कमिश्नर और डीएम, परखी सुरक्षा व्यवस्था 

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल स्वयं मैदान में उतरे। दोनों अधिकारियों ने गोदौलिया, दशाश्वमेध, नीचीबाग, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
 

वाराणसी। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल स्वयं मैदान में उतरे। दोनों अधिकारियों ने गोदौलिया, दशाश्वमेध, नीचीबाग, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और पूछा कि वे किस स्थान से आए हैं, कितनी देर से लाइन में हैं तथा उन्हें किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके सुखद एवं मंगलमय भविष्य की कामना भगवान विश्वनाथ से की।

इसके बाद दोनों अधिकारियों ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से जलाभिषेक और दर्शन-पूजन कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर परिसर स्थित कंट्रोल रूम पहुंचकर उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र और दर्शन मार्ग की निगरानी व्यवस्था का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा करते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सावन के दौरान आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु और कांवड़िये को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगर निगम के अधिकारियों को मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई, स्वच्छता तथा अन्य नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, मंदिर प्रशासन के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने व्यवस्था में लगे कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।