पीएनयू क्लब चुनाव की घोषणा, 5 जुलाई को अध्यक्ष, सचिव समेत नौ पदों के लिए होगा मतदान
वाराणसी। दि प्रभु नारायण यूनियन (पीएनयू) क्लब की प्रबंध समिति के चुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। क्लब की कालातीत हो चुकी प्रबंध समिति के पुनर्गठन के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के अनुमोदन के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) डॉ. राजेश कुमार को चुनाव अधिकारी नामित किया गया है। उनके द्वारा अध्यक्ष, सचिव एवं सात अन्य सदस्यों के निर्वाचन का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।
जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र 29 और 30 जून 2026 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) कार्यालय से प्राप्त किए जा सकेंगे। इसी अवधि में उम्मीदवार अपने नाम निर्देशन पत्र भी जमा कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 30 जून को अपराह्न 4 बजे से कार्य समाप्ति तक की जाएगी।
चुनाव अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि नाम वापसी की प्रक्रिया 1 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संपन्न होगी। इसके बाद अंतिम प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी। निर्वाचन की प्रक्रिया 5 जुलाई को दि प्रभु नारायण यूनियन क्लब परिसर में संपन्न होगी। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा, जबकि उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित होने तक जारी रहेगी। अभ्यर्थी अपने नामांकन पत्र अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) अथवा सहायक निर्वाचन अधिकारी अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।
चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सहायक निबंधक, फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स को संस्था से संबंधित सभी अभिलेख अपनी अभिरक्षा में रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिन सदस्यों पर क्लब की कोई देयता लंबित है, उनकी सूची 27 जून तक प्रकाशित की जाएगी।
निर्देशानुसार सदस्य अपनी बकाया देयताओं का भुगतान निर्धारित समयावधि में कर अदेयता प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। सभी पात्र सदस्यों को 29 जून तक अदेयता प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा, जिससे वे मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें। चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) कार्यालय में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि चुनाव से संबंधित समस्त खर्च संस्था द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा। पीएनयू क्लब के चुनाव को लेकर सदस्यों में उत्साह का माहौल है और लंबे समय बाद नई प्रबंध समिति के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।