BLW के एकता नगर में नई RCC सड़क तोड़े जाने पर भड़के लोग, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

BLW पहाड़ी गेट के बगल स्थित एकता नगर में पहले से बनी RCC सड़क को दोबारा तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों ने प्रदर्शन और धरना दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पूरी तरह ठीक थी और हाल में ही बनाई गई थी, इसके बावजूद उसे तोड़कर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। घटना को लेकर क्षेत्रवासियों में काफी नाराजगी रही।
 

वाराणसी। BLW पहाड़ी गेट के बगल स्थित एकता नगर में पहले से बनी RCC सड़क को दोबारा तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों ने प्रदर्शन और धरना दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पूरी तरह ठीक थी और हाल में ही बनाई गई थी, इसके बावजूद उसे तोड़कर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। घटना को लेकर क्षेत्रवासियों में काफी नाराजगी रही।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क तोड़े जाने के बाद जिम्मेदारों की ओर से बताया गया कि इसे गलती से तोड़ा गया है, जबकि निर्माण कार्य किसी अन्य स्थान पर किया जाना था। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि सड़क गलती से तोड़ी गई तो इस लापरवाही की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जेई पूनम सिंह मौके पर पहुंचीं और क्षेत्रीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि हुई गलती को सुधार कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीवर पाइपलाइन डालने का कार्य पूरा होने के बाद सड़क पर दोबारा RCC की ढलाई कराकर उसे पूर्व की स्थिति में दुरुस्त कराया जाएगा।

मौके पर मौजूद पुष्पकला झा ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने अपने पैसे से RCC सड़क का निर्माण कराया था। ऐसे में महज तीन दिन पुरानी सड़क को तोड़े जाने से लोगों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनी सड़क को नुकसान पहुंचने के मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान साधना जायसवाल, सौरभ कुमार, राकेश, अरुण और योगेंद्र समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की।

क्षेत्रवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि सड़क को दोबारा बनवाने का खर्च कौन वहन करेगा। लोगों का कहना है कि उनकी मेहनत और धन से बनी सड़क को अनावश्यक रूप से तोड़े जाने से सार्वजनिक संसाधनों का नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि सीवर कार्य पूरा होने के बाद सड़क का पुनर्निर्माण जल्द कराया जाए और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।