कैंट स्टेशन पर यात्री को आया ब्रेन स्ट्रोक, आरपीएफ और डॉक्टर की तत्परता से बची जान

कैंट स्टेशन पर मंगलवार को मानवता और तत्परता की मिसाल देखने को मिली, जब ट्रेन संख्या 15160 डाउन के एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर कोच संख्या ए–1 के सामने एक बुजुर्ग व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़े मिले, जिससे मौके पर अफरा–तफरी मच गई। आरपीएफ और रेलवे चिकित्सक की तत्परता से यात्री की जान बची। 
 

वाराणसी। कैंट स्टेशन पर मंगलवार को मानवता और तत्परता की मिसाल देखने को मिली, जब ट्रेन संख्या 15160 डाउन के एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर कोच संख्या ए–1 के सामने एक बुजुर्ग व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़े मिले, जिससे मौके पर अफरा–तफरी मच गई। आरपीएफ और रेलवे चिकित्सक की तत्परता से यात्री की जान बची। 

आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक प्रमोद कुमार, कांस्टेबल योगेंद्र और कांस्टेबल नफीस अहमद ड्यूटी पर थे। उसी दौरान उनकी नजर प्लेटफॉर्म पर अचेत व्यक्ति पर पड़ी, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। इसी दौरान स्टेशन अधीक्षक कार्यालय से भी घटना की जानकारी प्राप्त हुई। कुछ ही देर में रेलवे के अनुबंधित चिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव मौके पर पहुंचे और प्राथमिक जांच के बाद बताया कि बुजुर्ग यात्री को ब्रेन स्ट्रोक आया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ और रेलवे प्रशासन ने तत्काल निर्णय लेते हुए बीमार यात्री को इमरजेंसी मेडिकल रूम (EMR) वाराणसी में भर्ती कराया, जहां उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। इलाज के दौरान बीमार व्यक्ति के छोटे भाई बी.आर. प्रसाद भी साथ मौजूद रहे। बी.आर. प्रसाद ने बताया कि वे दोनों प्रयागराज से बलिया की यात्रा कर रहे थे। ट्रेन संख्या 15160 के कोच ए–1 में सीट संख्या 14 पर उनकी बुकिंग थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई का नाम छोटेलाल प्रसाद (उम्र 69 वर्ष) है, जो ग्राम,पोस्ट चितबड़ागांव, थाना चितबड़ागांव, जिला बलिया के निवासी हैं। यात्रा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद सहयात्रियों की मदद से उन्हें वाराणसी जंक्शन पर उतारा गया।

इमरजेंसी मेडिकल रूम में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें श्री शिव प्रसाद गुप्त कबीर चौरा अस्पताल, वाराणसी रेफर कर दिया। एम्बुलेंस की व्यवस्था कर मरीज को उनके भाई के साथ अस्पताल भेजा गया। रेलवे सुरक्षा बल, स्टेशन प्रशासन और चिकित्सकों की तत्परता की सराहना की जा रही है।