नगवा में पेंटर की मौत से गरमाया माहौल, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप, पोस्टमार्टम हाउस पर जुटे समर्थक और सपा नेता

लंका थाना क्षेत्र के नगवा स्थित गंगोत्री विहार कॉलोनी में पेंटिंग का कार्य कर रहे युवक सोनू यादव (35) की गोली लगने से हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद जहां पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या करार देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर सक्रियता बढ़ गई है।
 

वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र के नगवा स्थित गंगोत्री विहार कॉलोनी में पेंटिंग का कार्य कर रहे युवक सोनू यादव (35) की गोली लगने से हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद जहां पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या करार देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर सक्रियता बढ़ गई है।

मृतक सोनू यादव के पिता बाबूलाल यादव, निवासी ग्राम टिकरी, थाना चितईपुर ने लंका थाना पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में अपने पुत्र की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए यह मानना कठिन है कि सोनू ने आत्महत्या की होगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की गहराई से जांच कराने और वास्तविक दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

परिजनों के अनुसार, 9 जून की दोपहर लगभग दो बजे सोनू यादव के मोबाइल फोन से एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर सूचना दी कि सोनू को गोली लग गई है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य तत्काल नगवा स्थित गंगोत्री विहार कॉलोनी पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि सोनू की मौत हो चुकी है। इस सूचना से परिवार में कोहराम मच गया और परिजन घटनास्थल की परिस्थितियों को देखकर लगातार संदेह व्यक्त कर रहे हैं।

बताया गया कि सोनू यादव पिछले 10 से 11 दिनों से गंगोत्री विहार स्थित श्याम कुंज भवन में पेंटिंग का कार्य कर रहा था। जिस मकान में वह काम कर रहा था, उसके मालिक आदित्य सिंह बताए जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि भवन में कई किरायेदार भी रहते हैं, इसलिए घटना के समय वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।

बुधवार को बीएचयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, रिश्तेदार और समाजवादी पार्टी के नेता पहुंच गए। मृतक के समर्थकों और परिजनों ने घटना को हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थिति को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। एसीपी भेलूपुर, लंका थाना प्रभारी, चितईपुर थाना प्रभारी सहित कई पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे। अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटनास्थल से मृतक के हाथ में असलहा मिलने की जानकारी सामने आई है, लेकिन परिजन इस दावे से सहमत नहीं हैं और हत्या की आशंका पर कायम हैं। पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच, मोबाइल कॉल डिटेल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं मृतक के परिवार और समर्थकों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।