सिंधिया घाट पर डूब रहे व्यक्ति के लिए देवदूत बने पीएसी जवान, गंगा में छलांग लगाकर बचाई जान
वाराणसी। सिंधिया घाट पर गंगा के गहरे पानी में डूब रहे 40 वर्षीय व्यक्ति की जान बचाकर 36वीं वाहिनी पीएसी, रामनगर के जवानों ने साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। ड्यूटी पर तैनात जवानों ने स्थिति को गंभीरता से भांपते हुए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और समय रहते डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवानों की इस तत्परता और बहादुरी की घाट पर मौजूद लोगों ने सराहना की।
जानकारी के अनुसार चंदौली के धर्मशाला रोड निवासी सोनू गुप्ता (40) किसी कार्य से सिंधिया घाट पहुंचे थे। इसी दौरान वह अचानक गंगा के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। पानी की गहराई और तेज बहाव के बीच सोनू को संघर्ष करते देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सिंधिया घाट पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर के जवानों की नजर जैसे ही डूब रहे व्यक्ति पर पड़ी, उन्होंने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया। मुख्य आरक्षी शिवरामकृष्ण जी गुप्त, आरक्षी जयप्रकाश सिंह और आरक्षी राजर्षि पाण्डेय ने आपसी समन्वय के साथ मोर्चा संभाला।
आरक्षी जयप्रकाश सिंह ने तत्काल लाइफ ब्वॉय रिंग सोनू की ओर फेंकी, ताकि उन्हें पानी में सहारा मिल सके। हालांकि सोनू गहरे पानी में जा चुके थे और उनकी स्थिति लगातार गंभीर हो रही थी। स्थिति को देखते हुए मुख्य आरक्षी शिवरामकृष्ण जी गुप्त ने साहस का परिचय देते हुए गंगा में छलांग लगा दी। उन्होंने डूब रहे सोनू को सुरक्षित पकड़ा और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
इस दौरान आरक्षी जयप्रकाश सिंह और आरक्षी राजर्षि पाण्डेय ने भी बचाव अभियान में पूरी मुस्तैदी से सहयोग किया। तीनों जवानों के साहस, त्वरित निर्णय और बेहतर तालमेल के चलते सोनू गुप्ता को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद लोगों ने पीएसी जवानों की जमकर प्रशंसा की। स्थानीय लोगों का कहना था कि संकट की घड़ी में जवानों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना जिस तत्परता से कार्रवाई की, वह सराहनीय है।