पेपर लीक के खिलाफ वाराणसी में आक्रोश, युवा कांग्रेस ने शिक्षामंत्री का किया प्रतीकात्मक पिंडदान, बीएचयू में छात्रों का धरना, शहर-शहर जंतर-मंतर अभियान का ऐलान
वाराणसी। पेपर लीक के मामलों, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर शुक्रवार को वाराणसी में छात्र एवं युवा संगठनों का विरोध तेज हो गया। एक ओर युवा कांग्रेस ने राजघाट स्थित गंगा तट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पिंडदान कर उनके इस्तीफे की मांग उठाई, वहीं दूसरी ओर बीएचयू परिसर में दिशा छात्र संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए एनटीए को भंग करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की। छात्रों ने शहर-शहर जंतर-मंतर अभियान के तहत 25 जुलाई से मधुबन पार्क में आंदोलन की चेतावनी दी।
राजघाट पर आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं संगठन प्रभारी अनुपम राय ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे कथित पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और परीक्षाओं के निरस्त होने से युवाओं का समय और मेहनत दोनों प्रभावित हुए हैं। संगठन ने मांग की कि सभी मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। प्रदर्शन में राकेश पाण्डेय, धीरज सिंह, शिवम दुबे, दुर्गा साहनी, पांचू साहनी, आयुष सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उधर, बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के समीप दिशा छात्र संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने धरना देकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की तथा कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में देशभर में आंदोलन चल रहा है। उनका कहना था कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए है। प्रदर्शन के मद्देनजर बीएचयू परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विश्वनाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल एवं पीएसी के जवान तैनात रहे। इस दौरान कुछ समय के लिए छात्रों और बीएचयू सुरक्षा कर्मियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस ने हालात को नियंत्रित रखा।
दिशा छात्र संगठन ने घोषणा की कि "शहर-शहर जंतर-मंतर" अभियान के तहत 25 जुलाई से बीएचयू के मधुबन परिसर में लगातार सिट-इन धरना शुरू किया जाएगा। संगठन ने छात्रों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि पोस्टर, बैनर, गीत और अन्य रचनात्मक माध्यमों के जरिए आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।