मीट-मछली कारोबार पर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में नगर निगम पहुंचे विपक्षी दल, आजीविका और खाद्य स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया

नगर निगम द्वारा शहर में मीट, मांस और मछली के कारोबार को लेकर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों, विपक्षी पार्षदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस पार्षद दल, आम आदमी पार्टी (आप), एपवा, साझा संस्कृति मंच तथा मीट एवं मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
 

वाराणसी। नगर निगम द्वारा शहर में मीट, मांस और मछली के कारोबार को लेकर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों, विपक्षी पार्षदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस पार्षद दल, आम आदमी पार्टी (आप), एपवा, साझा संस्कृति मंच तथा मीट एवं मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के समक्ष अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि प्रस्तावित निर्णय से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। उनका कहना था कि शहर में लंबे समय से लाइसेंसधारी और अन्य विक्रेता इस व्यवसाय से जुड़े हैं तथा यदि लाइसेंस संबंधी कोई समस्या है तो उसका समाधान प्रशासनिक स्तर पर किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पात्र व्यवसायियों का विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण और लाइसेंस जारी किए जाएं तथा वैध रूप से कारोबार करने वालों के हितों की रक्षा की जाए।

प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि मछली, मीट और मांस के व्यापार से मल्लाह, निषाद, बंगाली, मुस्लिम सहित विभिन्न समुदायों के हजारों परिवार जुड़े हैं। उनके अनुसार किसी भी नीति या कार्रवाई से इन लोगों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैध व्यवसाय करने और अपनी पसंद का भोजन चुनने का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत आता है, इसलिए किसी भी निर्णय में सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वाराणसी अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत और विविधताओं के लिए जाना जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि नगर निगम किसी भी ऐसे निर्णय पर पुनर्विचार करे जिससे गरीब और मेहनतकश वर्ग की रोजी-रोटी प्रभावित हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी चिंता जताई कि कुछ असामाजिक तत्व इस मुद्दे को लेकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे तत्वों पर नजर रखने और शहर में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की। इस दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि नगर निगम किसी भी ऐसे व्यापारी के खिलाफ नहीं है, जो मीट, मुर्गा या मछली का कारोबार वैध तरीके से कर रहा हो। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करना है और सभी पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने वालों में राघवेंद्र चौबे, संजीव सिंह, अब्दुल्ला खान, कुसुम वर्मा, धनंजय, गुलशन अली, मनीष शर्मा, रोजा मैथ्यूज, रमज़ान अली, सुमित सोनकर, सनी सोनकर, ओकास अंसारी, प्रदीप राजभर, तुफैल अंसारी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और व्यवसायी मौजूद रहे।