अखिलेश के काशी में मेट्रो के वादे पर ओपी राजभर का पलटवार, 'न नौ मन गेहूं होई, न राधे गौने जइहन... अखिलेश बेहयाई बतिया रहे हैं'
- सपा सरकार बनने पर बनारस में मेट्रो चलाने के अखिलेश यादव के ऐलान पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का तीखा तंज
- बोले- न उनकी सरकार बनेगी, न उनके राज में मेट्रो चलेगी; काशी विश्वनाथ मंदिर नहीं जाने पर भी उठाए सवाल
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी में मेट्रो चलाने के चुनावी वादे पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया है। अखिलेश के ऐलान पर राजभर ने भोजपुरी की कहावत सुनाते हुए कहा, "न नौ मन गेहूं होई, न राधे गौने जइहन।" उन्होंने दावा किया कि न तो अखिलेश यादव की सरकार बनेगी और न ही उनके शासन में बनारस में मेट्रो चलेगी। राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में काशी के विकास का दावा करते हुए अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश के बयानों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वह केवल "बेहयाई बतिया रहे हैं और कुछ नहीं।"
'न उनकी सरकार बनेगी, न उनके राज में मेट्रो चलेगी'
दरअसल, मंगलवार को वाराणसी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बनारस को मेट्रो की सौगात दी जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर काशी के साथ भेदभाव करने और शहर की यातायात व्यवस्था तक नहीं सुधार पाने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "न नौ मन गेहूं होई, न राधे गौने जइहन। न उनकी सरकार बनेगी, न उनके राज में मेट्रो चलेगी। बनेगी तो मोदी जी के राज में ही चलेगी।"
राजभर ने अखिलेश के मेट्रो संबंधी ऐलान को लेकर सवाल उठाए और दावा किया कि वाराणसी में मेट्रो जैसी परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही साकार होगी।
'पांच साल राज किए, अब काशी देखकर खुद अंदाजा हो गया होगा'
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पांच साल उत्तर प्रदेश में शासन किया, लेकिन आज वाराणसी आने पर उन्हें खुद महसूस हुआ होगा कि शहर कितना बदल गया है।
राजभर ने कहा, "अखिलेश यादव को पता नहीं है। पांच साल राज किए और आज काशी गए तो उनको खुद अंदाजा हो गया होगा कि काशी कितनी बदल गई है।"
उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव को खुद यह महसूस हुआ होगा कि उनके शासनकाल में क्या काम हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कितना परिवर्तन हुआ है।
राजभर ने काशी में हुए विकास कार्यों का श्रेय केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को देते हुए अखिलेश यादव के आरोपों को खारिज किया।
'अयोध्या गए तो हनुमानगढ़ी नहीं पहुंचे, बनारस आए तो विश्वनाथ मंदिर क्यों नहीं गए?'
कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव के धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की अखिलेश यादव की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने सवाल किया कि अखिलेश यादव खुद मथुरा क्यों नहीं गए।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या गए, लेकिन हनुमानगढ़ी नहीं पहुंचे। अब वाराणसी आए हैं, लेकिन बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने क्यों नहीं गए?
राजभर ने कहा, "पहले ये बताएं कि अखिलेश मथुरा क्यों नहीं गए। अयोध्या जाकर हनुमानगढ़ी नहीं गए। गए तो हैं बनारस, क्यों नहीं गए काशी विश्वनाथ मंदिर?"
उन्होंने अखिलेश यादव पर धार्मिक पहचान के अनुसार अपना व्यवहार बदलने का आरोप भी लगाया।
'टोपी लगा लोगे तो अली-अली, त्रिपुंड लगाकर बजरंगबली-बजरंगबली करोगे'
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा, "आप गए अयोध्या, भेष बनाने में माहिर हो। टोपी लगा लोगे तो अली-अली करोगे, त्रिपुंड लगाकर बजरंगबली-बजरंगबली करोगे।"
राजभर ने इसी क्रम में आरोप लगाया कि अखिलेश यादव काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से बच रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जाते तो मस्जिद वाले दौड़ा लेते।"
कैबिनेट मंत्री की यह टिप्पणी अखिलेश यादव की धार्मिक यात्राओं और आस्था को लेकर उनकी राजनीतिक आलोचना का हिस्सा है।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने वाराणसी दौरे के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर नहीं जाने के सवाल पर कहा था कि उन्होंने बाबा विश्वनाथ और बाबा केदारेश्वर का मंदिर अपने घर पर बनवाया है और वह पूजा करके ही घर से निकलते हैं।
'काशी विश्वनाथ मंदिर और घाटों पर जाते तो विकास दिखाई देता'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अखिलेश यादव की ओर से वीडियो साझा कर किए गए कटाक्ष पर भी ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को वाराणसी में घूमकर विकास कार्यों को देखना चाहिए। यदि वह काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों पर जाते तो उन्हें शहर में हुए बदलाव की जानकारी मिलती।
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव एयरपोर्ट से निकलकर शहर पहुंचे होंगे तो रास्ते में ही उन्हें बदलाव का अंदाजा हो गया होगा।
उन्होंने कहा, "अखिलेश को बनारस घूमना चाहिए। वो काशी विश्वनाथ मंदिर जाते तो उन्हें पता चलता। घाट पर जाते तो पता चलता। एयरपोर्ट से निकलकर बनारस पहुंचे होंगे तो उनको पता चला होगा।"
इसके बाद राजभर ने अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए कहा, "वो केवल बेहयाई बतिया रहे हैं और कुछ नहीं।"
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