गंगा में चलेंगी सिर्फ पंजीकृत नावें, रेडी-टू-मूव प्रमाणपत्र होगा अनिवार्य

गंगा में संचालित नावों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। आगामी दिनों में केवल उन्हीं नावों को गंगा में संचालन की अनुमति मिलेगी, जिनका विधिवत पंजीकरण होगा और जिन्हें "रेडी टू मूव" (आरटीएम) प्रमाणपत्र जारी किया गया होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य गंगा में बढ़ती भीड़, नावों के जाम और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को कम करना है।
 

वाराणसी। गंगा में संचालित नावों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। आगामी दिनों में केवल उन्हीं नावों को गंगा में संचालन की अनुमति मिलेगी, जिनका विधिवत पंजीकरण होगा और जिन्हें "रेडी टू मूव" (आरटीएम) प्रमाणपत्र जारी किया गया होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य गंगा में बढ़ती भीड़, नावों के जाम और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को कम करना है।

प्रशासन के अनुसार, गंगा घाटों पर नावों की संख्या लगातार बढ़ने से कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। साथ ही अनियमित रूप से संचालित होने वाली नावों के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए अब सभी नावों का सत्यापन और पंजीकरण कराया जाएगा तथा मानकों पर खरा उतरने वाली नावों को ही संचालन की अनुमति मिलेगी।

नावों की पंजीकरण संख्या देने की जिम्मेदारी भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और घाट संचालकों को सौंपी गई है। नाविकों को अपनी नावों का पंजीकरण कराना होगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आरटीओ की ओर से उन्हीं नावों को चलने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें सर्वेयर द्वारा रेडी टू मूव का सर्टिफिकेट जारी किया गया होगा।