वाराणसी में हर 36 में से एक पुरुष को ओरल कैंसर का खतरा, टाटा कैंसर अस्पताल और जिला प्रशासन ने बनाई संयुक्त रणनीति

वाराणसी। बनारस और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे मुख (ओरल) कैंसर के मामलों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से टाटा कैंसर अस्पताल और जिला प्रशासन के बीच दो दिवसीय अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तंबाकू और उससे बने उत्पादों की बिक्री से जुड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से ओरल कैंसर की रोकथाम करना रहा।
 

वाराणसी। बनारस और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे मुख (ओरल) कैंसर के मामलों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से टाटा कैंसर अस्पताल और जिला प्रशासन के बीच दो दिवसीय अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तंबाकू और उससे बने उत्पादों की बिक्री से जुड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से ओरल कैंसर की रोकथाम करना रहा।

मंडलायुक्त सभागार और कैंसर केंद्र में हुई बैठक
पहली बैठक गुरुवार को मंडल आयुक्त सभागार में टाटा कैंसर अस्पताल और वाराणसी जिला प्रशासन के बीच हुई, जबकि शुक्रवार को दूसरी बैठक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र में आयोजित की गई। दोनों बैठकों में तंबाकू नियंत्रण कानूनों, विशेष रूप से कोटपा (COTPA) के सख्त अनुपालन और उसके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

ओरल कैंसर काफी हद तक रोका जा सकता है: डॉ. पंकज चतुर्वेदी
बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए टाटा कैंसर अस्पताल नवी मुंबई के निदेशक डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि मुख कैंसर ऐसा कैंसर है, जिसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कोटपा कानूनों का सख्ती से पालन कराना और स्कूलों एवं कॉलेजों में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कैंसर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है, इसलिए इलाज के साथ-साथ इसके कारणों पर प्रभावी ढंग से काम करना अनिवार्य है।

हर 36 में से एक पुरुष को ओरल कैंसर का खतरा
महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल के कैंसर रोकथाम विभाग की प्रमुख डॉ. दिव्या खन्ना ने वाराणसी में कैंसर की स्थिति पर गंभीर आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि हाल ही में जारी पीबीसीआर रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में हर 36 में से एक पुरुष को मुख कैंसर का खतरा है। उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में ओरल कैंसर के मामलों के आधार पर वाराणसी उन तीन प्रमुख शहरों में शामिल है, जहां सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं।

प्रशासन ने लिया सख्त कार्रवाई का संकल्प
बैठक में जिला अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए टाटा कैंसर अस्पताल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कैंसर की रोकथाम हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए न केवल जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, बल्कि तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों को लेकर बने सभी नियमों और कानूनों को सख्ती से लागू कराने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश और जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा विशेषज्ञ रहे उपस्थित
बैठक में नगर निगम आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश प्रसाद सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने एकमत से माना कि यदि प्रशासन और चिकित्सा संस्थान मिलकर काम करें, तो वाराणसी में ओरल कैंसर के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।