विश्व पर्यावरण दिवस पर युवाओं की अनूठी पहल, वॉल राइटिंग के जरिये पर्यावरण संरक्षण की अलख

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट एवं लोक समिति के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में पर्यावरण जागरूकता को लेकर विशेष दीवार लेखन अभियान चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। अभियान के माध्यम से गांव, सार्वजनिक स्थलों तथा हाईवे किनारे की दीवारों पर प्रेरणादायक संदेश लिखे गए, जिससे लोगों को प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा सके।
 

वाराणसी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट एवं लोक समिति के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में पर्यावरण जागरूकता को लेकर विशेष दीवार लेखन अभियान चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। अभियान के माध्यम से गांव, सार्वजनिक स्थलों तथा हाईवे किनारे की दीवारों पर प्रेरणादायक संदेश लिखे गए, जिससे लोगों को प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा सके।

कार्यकर्ताओं ने दीवारों पर “पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ”, “स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन”, “जल, जंगल और जमीन बचाओ”, “हरियाली है जीवन की खुशहाली” तथा “प्रकृति का सम्मान, मानवता का कल्याण” जैसे संदेश अंकित किए। इन नारों के माध्यम से लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया पर्यावरणीय संकटों का सामना कर रही है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण, जल स्रोतों का क्षरण और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी से जुड़े जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करके पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। यदि हर नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करे और जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बड़ी मदद मिल सकती है।

अभियान के दौरान युवाओं ने ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन अपनाने, अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम में श्यामसुंदर मास्टर, सुनील, पंचमुखी, मनीष, अनीश, आकाश, अनुभव, आशीष, अवनीश, आलोक, प्रियांशी, बृजेश, अरविंद सहित आशा ट्रस्ट एवं लोक समिति के अनेक कार्यकर्ता, ग्रामीण युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।