विजयादशमी पर बरेका में धू-धूकर जला बुराई का प्रतीक लंकेश, रावण के 70 फीट, कुंभकर्ण के 65 फीट और मेघनाद के 60 फीट ऊंचे पुतलों का दहन, गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष 

बरेका में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व पारंपरिक उल्लास, धार्मिक आस्था और भव्यता के साथ मनाया गया। बरेका खेलकूद स्टेडियम में आयोजित समारोह में रामलीला के भावपूर्ण मंचन के बाद 70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट के कुंभकर्ण और 60 फीट के मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने उत्सव के आकर्षण को और बढ़ा दिया। समारोह में बरेका कर्मचारियों, उनके परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
 

 

 

रामलीला के मंचन ने बांधा समां, बरेका खेलकूद स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब

 

वाराणसी। बरेका में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व पारंपरिक उल्लास, धार्मिक आस्था और भव्यता के साथ मनाया गया। बरेका खेलकूद स्टेडियम में आयोजित समारोह में रामलीला के भावपूर्ण मंचन के बाद 70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट के कुंभकर्ण और 60 फीट के मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के जलते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने उत्सव के आकर्षण को और बढ़ा दिया। समारोह में बरेका कर्मचारियों, उनके परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण की आरती से शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत और वरिष्ठ अधिकारियों ने भगवान श्रीराम, माता जानकी तथा भगवान लक्ष्मण की आरती करके किया। महाप्रबंधक ने उपस्थित लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के स्वस्थ, सुखी और मंगलमय जीवन की कामना की।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह पर्व अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने तथा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

रामलीला के प्रसंगों ने दर्शकों को किया भावविभोर
एसडी सिंह के निर्देशन में प्रस्तुत रूपक रामलीला में राम वनगमन, सीता हरण, माता सीता की खोज, लंका दहन, विभीषण की शरणागति और अंगद-रावण संवाद सहित रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया गया। इसके बाद लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध और सुलोचना विलाप के दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

 

राम-रावण युद्ध के रोमांचक मंचन के बाद भगवान श्रीराम के हाथों रावण वध के साथ रामलीला का समापन हुआ। कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से सत्य, त्याग, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया।

आतिशबाजी के बीच जले तीनों पुतले
रामलीला समाप्त होने के बाद विशाल पुतलों का दहन किया गया। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों से उठती आग की लपटों और आतिशबाजी के बीच मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने उत्साहपूर्वक पर्व की खुशियां साझा कीं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा प्रशासन
आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा और महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य मौजूद रहे।

इसके अलावा विजयादशमी समिति के अध्यक्ष रामजन्म चौबे, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, समिति के महामंत्री अनूप सिंह वत्स, कर्मचारी परिषद के सदस्य नवीन कुमार सिन्हा और सुशील कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी, समिति सदस्य, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

तस्वीरें ....