करपात्र प्राकट्योत्सव के दूसरे दिन सामूहिक रुद्राभिषेक, 121 नर्वदेश्वर महादेव का हुआ पूजन
वाराणसी। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 119वें प्राकट्य महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को दुर्गाकुंड स्थित श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंदिर (मणि मंदिर) में भव्य सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और श्रीरुद्रम के पाठ के बीच चलायमान स्फटिक मणि शिवलिंग एवं नर्वदेश्वर शिवलिंग का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। अनुष्ठान के दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
कार्यक्रम धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी के सानिध्य में संपन्न हुआ। मुख्य यजमान पं. जगजीतन पाण्डेय सहित अन्य यजमानों ने विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन कर राजराजोपचार पद्धति के अनुसार अभिषेक किया।
सामूहिक रुद्राभिषेक की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे हुई। आचार्य चंद्रभूषण चतुर्वेदी, रामानंद, राजेश भट्ट, प्रद्युम्न और आनंद समेत 11 वैदिक आचार्यों ने यजमानों से संकल्प कराया। इसके बाद गौरी-गणेश पूजन और वरुण कलश पूजन संपन्न हुआ। वैदिक विधि से स्फटिक मणि और नर्वदेश्वर शिवलिंग का पूजन किया गया।
फलों के रस और गंगाजल से हुआ विशेष अभिषेक
दुग्धाभिषेक के बाद स्फटिक मणि शिवलिंग का विशेष स्नान कराया गया। विभिन्न फलों के रस से फलोदक, पुष्पों से पुष्पोदक, चंदन से गंधोदक और अंत में पवित्र गंगाजल से अभिषेक किया गया। इसके बाद शिवलिंग को कमल, गुलाब और गजरे से सजाया गया। बिल्वपत्र की माला और सहस्र दूर्वा से श्रृंगार के बाद आरती उतारी गई।
इस दौरान कृष्ण यजुर्वेद के श्रीरुद्रम के मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अनुष्ठान में शामिल हुए और भगवान शिव की आराधना की।
121 नर्वदेश्वर महादेव का पूजन
करपात्री प्राकट्योत्सव के तहत मंदिर में स्थापित 121 नर्वदेश्वर महादेव और विशाल शिवलिंग का भी बटुकों ने विधि-विधान से पूजन किया। सामूहिक रुद्राभिषेक में बड़ी संख्या में दंपतियों ने भाग लेकर धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा बताई गई पूजा पद्धति के अनुसार अनुष्ठान संपन्न किया।
आयोजकों के अनुसार, सप्ताहभर चलने वाले करपात्री प्राकट्योत्सव का उद्देश्य धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की आध्यात्मिक परंपरा, वैदिक संस्कृति और सनातन धर्म के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना है। दूसरे दिन हुए रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन आरती और शिव स्तुति के साथ हुआ। पूरे दिन मणि मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों, भजनों और हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।