वैशाख पूर्णिमा पर काशी में निकली मां शीतला की भव्य कलश यात्रा, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह 

वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर मां शीतला की भव्य कलश यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। पिछले 29 वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर काशी की आध्यात्मिक विरासत को जीवंत कर दिया।
 

वाराणसी। वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर मां शीतला की भव्य कलश यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। पिछले 29 वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर काशी की आध्यात्मिक विरासत को जीवंत कर दिया।

यात्रा की शुरुआत रामापुरा स्थित शीतला मंदिर से हुई, जहां से 1008 कलश और 51 ध्वज वाहकों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान सातों बहनों के स्वरूप की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम के शुभारंभ पर प्रसिद्ध शहनाई वादक पंडित महेंद्र प्रसन्ना ने मंगल ध्वनि प्रस्तुत की, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों, बैंड और पारंपरिक धोबिया-नटुआ बाजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद वितरण भी किया गया, जिससे आयोजन में उत्साह और बढ़ गया।

रामापुरा से निकली यह भव्य यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए दशाश्वमेध घाट स्थित बड़ी शीतला माता मंदिर पहुंची। यहां विधि-विधान से माँ शीतला का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और भक्तों की आस्था अपने चरम पर दिखाई दी।

आयोजन में शहर के कई गणमान्य लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रमुख रूप से संतोष सेठ ‘भगवनजी’, बेला देवी, प्रभात कुमार, पन्ना लाल सिंगारिया, संजीव सेठ, योगेश सेठ, संजय जी, जूही गुप्ता, सोनी गुप्ता, अभय विशाल, चन्द्रभूषण, अशोक जी, अमित यादव, श्रीप्रकाश दूबे, राजेश्वरी बहन, संदीप सेठ, कुसुम लता, राहुल कुमार, संजय वर्मा ‘काजू’ सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।