संत रविदास की 650वीं जयंती पर देशभर में समरसता अभियान, राज्यमंत्री असीम अरूण ने कार्यक्रम की दी जानकारी
वाराणसी। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने बताया कि 20 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन संत रविदास जयंती मनाई जाएगी, लेकिन 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में इस बार आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष स्वरूप दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 28 और 29 जुलाई को वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान जन्मस्थली की पावन मिट्टी का विधिवत पूजन कर उसे 131 कलशों में संग्रहित किया जाएगा। इन कलशों को देश के विभिन्न राज्यों में ले जाकर संत रविदास के समरसता, समानता और सामाजिक न्याय के संदेश का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
मंत्री असीम अरुण के अनुसार, कार्यक्रम में 27 राज्यों के प्रतिनिधि, संगठन के 98 जिलों के कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में संत-महात्मा शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, वरिष्ठ नेता लाल सिंह आर्य, तरुण चुघ सहित केंद्र और प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी आयोजन में मौजूद रहेंगे। विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे चुनावी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए असीम अरुण ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सभी संतों और महापुरुषों का समान सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती एक ऐतिहासिक अवसर है, इसलिए इसे व्यापक स्तर पर मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीर गोवर्धनपुर में संत रविदास की भव्य प्रतिमा, मंदिर परिसर का विकास और विशाल लंगर हॉल का निर्माण कराया गया है। साथ ही, जालंधर स्थित संत रविदास से जुड़े धार्मिक स्थल का विकास और एयरपोर्ट का नामकरण भी उनके सम्मान में किया गया है। प्रदेश सरकार की मूर्ति विकास योजना के तहत संत रविदास से जुड़े मंदिरों, मठों और प्रतिमाओं के संरक्षण व सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा।