स्वामी विवेकानंद की जयंती पर दशाश्वमेध घाट पर 500 जरूरतमंदों में बंटा कंबल, कराया भोजन 

शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच स्वामी विवेकानंद की जयंती पर काशी के पौराणिक दशाश्वमेध घाट पर मानवता, संवेदना और सेवा भाव का प्रेरक दृश्य देखने को मिला। गंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के लिए कंबल एवं भोजन वितरण किया गया। इसके अंतर्गत 500 जरूरतमंद व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण कंबल प्रदान किए गए और उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया।
 

वाराणसी। शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच स्वामी विवेकानंद की जयंती पर काशी के पौराणिक दशाश्वमेध घाट पर मानवता, संवेदना और सेवा भाव का प्रेरक दृश्य देखने को मिला। गंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के लिए कंबल एवं भोजन वितरण किया गया। इसके अंतर्गत 500 जरूरतमंद व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण कंबल प्रदान किए गए और उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया।

विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती के माध्यम से सनातन संस्कृति की अलख जगा रही गंगोत्री सेवा समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के संदेश को समर्पित रहा। कार्यक्रम का संयोजन समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे (बाबू महाराज) के मार्गदर्शन में किया गया।

सेवा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर अशोक तिवारी तथा अति विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार रहे। आयोजन का शुभारंभ मां गंगा के पूजन–अभिषेक से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को सेवा, त्याग और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और ऐसे आयोजन समाज में आपसी सहयोग एवं सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं।

इसके बाद जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए तथा भोजन कराया गया। घाट पर उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को केवल सेवा कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों को जीवंत करने वाला प्रयास बताया। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर इस सेवा अभियान ने यह संदेश स्पष्ट किया कि समाज की सच्ची सेवा वही है, जो विपरीत परिस्थितियों में असहायों के साथ खड़ी हो।

गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे (बाबू महाराज) ने बताया कि समिति द्वारा यह सेवा अभियान प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से चलाया जाता है, ताकि कोई भी बेसहारा व्यक्ति ठंड की मार न झेले। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहले से 500 जरूरतमंद परिवारों को चिह्नित कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि यदि कोई जरूरतमंद इस सूची में छूट गया है, तो उसे भी शीघ्र कंबल प्रदान किया जाएगा।

कंबल एवं भोजन वितरण कार्यक्रम में समिति के संरक्षक पं. कन्हैया त्रिपाठी, गंगेश्वरधर दुबे, सचिव दिनेश शंकर दुबे, संजय शर्मा, नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, गणेशदत्त शास्त्री, सुनील मिश्रा, अशोक गुप्ता (असिस्टेंट जनरल मैनेजर, यूको बैंक), रितेश कुमार (डीजीएम, सिडबी), कन्हैया दुबे केडी, दिलीप गुप्ता, संकठा प्रसाद, अक्षय लाल, रामबोध सिंह, संजय यादव, पृथ्वी मांझी, संजय गुप्ता सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।