परशुराम जयंती पर काशी सुमेरु पीठ में सहस्त्रार्चन, शंकराचार्य ने दिया एकता और धर्म रक्षा का संदेश
वाराणसी। अस्सी स्थित डुमराव बाग कॉलोनी में अवस्थित आदिशंकराचार्य महासंस्थानम श्री काशी सुमेरु पीठ में परशुराम जयंती के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी के सानिध्य में भगवान परशुराम की सहस्त्रार्चन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की गई। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला।
पूरे अनुष्ठान को परशुराम विधानम और परशुराम तंत्र लोक के अनुसार संपन्न कराया गया। भगवान परशुराम के यंत्र का 10,000 से अधिक गुलाब, गेंदा और कुमकुम के पुष्पों से विशेष पूजन किया गया, जिसने आयोजन को भव्यता प्रदान की। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। साधु-संतों और भक्तों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
इस अवसर पर अपने प्रवचन में शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने समाज में एकता की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज को आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होना चाहिए। वर्तमान समय में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने भगवान परशुराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर धर्म की स्थापना की थी, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि परशुराम तांत्रिक उपासना के माध्यम से साधक आध्यात्मिक उन्नति के साथ अनेक सिद्धियां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने भगवान परशुराम के आराध्य देवी ललितांबा त्रिपुरसुंदरी और धूमावती की साधना का भी उल्लेख किया और बताया कि भगवान दत्तात्रेय के आशीर्वाद से परशुराम ने लोककल्याण के कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
कार्यक्रम में प्रभाकर त्रिपाठी, बालक चैतन्य महाराज, माधवानंद महाराज, श्रवण देव आश्रम के संतों सहित सरोजानंद सरस्वती दंडी संन्यासी और अन्य कई संत-महात्मा उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी आयोजन में भाग लेकर पूजा-अर्चना में सहभागिता की। समापन अवसर पर भव्य ब्राह्मण भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में एकता और धर्म रक्षा के संदेश को भी प्रभावी रूप से प्रसारित किया।