मकर संक्रांति पर काशी के मंदिरों में लगेगा विशेष भोग, बाबा विश्वनाथ को अर्पित होगा तिलकुट-तहरी 

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर काशी के प्रमुख शिवालयों और मंदिरों में विशेष भोग एवं अनुष्ठान की भव्य तैयारियां की गई हैं। 15 जनवरी को काशी विश्वनाथ धाम सहित विभिन्न मंदिरों में परंपरानुसार अलग-अलग प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए दर्शन-पूजन और भोग से भक्तों को विशेष पुण्य और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।
 

वाराणसी। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर काशी के प्रमुख शिवालयों और मंदिरों में विशेष भोग एवं अनुष्ठान की भव्य तैयारियां की गई हैं। 15 जनवरी को काशी विश्वनाथ धाम सहित विभिन्न मंदिरों में परंपरानुसार अलग-अलग प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए दर्शन-पूजन और भोग से भक्तों को विशेष पुण्य और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

मकर संक्रांति पर बाबा विश्वनाथ को तिलकुट-तहरी, खिचड़ी, चूड़ा-मटर सहित पारंपरिक भोग अर्पित किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार तिल, गुड़ और चावल से बने विशेष प्रसाद का वितरण श्रद्धालुओं में किया जाएगा। बाबा का भव्य श्रृंगार कर छप्पन भोग लगाया जाएगा, जिसमें दही-चूड़ा, खीर, खिचड़ी, मालपुआ, गाजर का हलवा, फल, मिष्ठान्न और लस्सी सहित अनेक पारंपरिक व्यंजन शामिल रहेंगे।

वहीं केदारेश्वर महादेव मंदिर में बाबा को चूड़ा-मटर का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। तिलमंडेश्वर महादेव मंदिर में तिल से बने भोग, लड्डू और तिलकुट चढ़ाए जाएंगे। भक्तों का मानना है कि तिल से जुड़ा भोग मकर संक्रांति पर विशेष फलदायी होता है और इससे शीत ऋतु के दोष दूर होते हैं।

मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान कर चार प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने से श्रद्धालुओं को कई गुना पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी क्रम में श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद काशी विश्वनाथ, तिलमंडेश्वर, केदारेश्वर और महामृत्युंजय सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे।