गणेश चतुर्थी पर 101 बर्फ की सिल्लियों से सजा चिंतामणि गणेश का धाम, हरियाली श्रृंगार ने मोहा मन
51 किलो लड्डुओं का भोग, अर्पित हुआ छप्पन भोग, शाम को भजन संध्या में गूंजेगी गणपति की महिमा
सोनारपुरा स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव पर हुआ विशेष आयोजन, फूल-पत्तियों, फलों और गुब्बारों से सजा मंदिर परिसर
वाराणसी। गणेश जन्मोत्सव के अवसर पर सोनारपुरा स्थित काशी खंडोक्त श्री श्री 1008 चिंतामणि गणेश मंदिर में सोमवार को भव्य हरियाली श्रृंगार और बर्फ बिहार झांकी सजाई गई। भगवान चिंतामणि गणेश का विशेष श्रृंगार कर मंदिर परिसर को फूल-पत्तियों, फलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से आकर्षक रूप दिया गया। सुबह से ही भगवान के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया।
मंदिर के महंत श्री चल्ला सुब्बाराव शास्त्री ने बताया कि गणेश जन्मोत्सव पर सुबह आठ बजे से विशेष पूजन-अर्चन और श्रृंगार किया गया। शाम छह बजे से श्रद्धालुओं के लिए हरियाली श्रृंगार और बर्फ बिहार झांकी के दर्शन खोले गए। झांकी के लिए मंदिर परिसर में 101 बर्फ की सिल्लियां सजाई गईं। बर्फ और हरियाली के बीच भगवान गणेश का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना रहा।
फूल-पत्तियों और फलों से सजा मंदिर
मंदिर परिसर में हजारों फूल-पत्तियों के साथ पान के पत्ते, फल और गुब्बारों से सजावट की गई। श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्ग को भी हरियाली और फूल-पत्तियों से सजाया गया। इससे पूरा परिसर भक्तिमय और आकर्षक नजर आया।
51 किलो लड्डुओं का भोग
भगवान चिंतामणि गणेश को 51 किलो लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसके साथ छप्पन भोग भी लगाया गया। पूजन के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया जाएगा। शाम को भजन संध्या का आयोजन भी होगा, जिसमें स्थानीय कलाकार गणपति के चरणों में भजनों की प्रस्तुति देंगे। महंत ने बताया कि भगवान गणेश प्रथम पूज्य हैं। चिंतामणि गणेश के दर्शन-पूजन से भक्तों की चिंताओं का हरण और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है। विशेष पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं।