बुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ में भव्य आयोजन, पहुंचेंगे 12 देशों के अनुयायी, तथागत की उपदेशस्थली का करेंगे दर्शन

सारनाथ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर इस बार भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 12 देशों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन करेंगे और विश्व शांति की कामना करेंगे।
 

वाराणसी। सारनाथ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर इस बार भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 12 देशों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन करेंगे और विश्व शांति की कामना करेंगे।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा सुबह से ही मंत्रोच्चार और प्रार्थना शुरू होगी, जो दिनभर चलेगी। इसके साथ ही धम्म पाठ, ध्यान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जाएगा। श्रद्धालु धम्मेक स्तूप की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित करेंगे।

मूलगंध कुटी विहार में सुबह 6 बजे से लेकर 11 बजे तक विशेष पूजन कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर में प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शाम के समय भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली की रज श्रद्धालुओं के माथे पर लगाई जाएगी, जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है।

आयोजकों के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कंबोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, लाओस, श्रीलंका, म्यांमार, बंग्लादेश, मलेशिया, कोरिया, चीन, तिब्बत और भूटान के साथ ही महाराष्ट्र, बिहार, एमपी, गुजरात, छत्तीसगढ़, यूपी आदि राज्यों से अनुयायी पहुंचेंगे। 

सारनाथ में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। स्वास्थ्य और साफ-सफाई के विशेष इंतजाम भी किए जा रहे हैं।