नवरात्र की पहली सुबह मां शैलपुत्री के दरबार में लगेगी भक्तों की कतार, देवी के आशीर्वाद से दूर होती हैं बाधाएं, पूरी होती हैं मनोकामनाएं 

शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर काशी में देवी मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पहले दिन अलईपुर स्थित मां शैलपुत्री के धाम में दर्शन-पूजन के लिए हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाने का काम कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने, आवागमन सुचारु रखने और दर्शन के दौरान किसी तरह की असुविधा से बचाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
 

भोर से शुरू होंगे दर्शन-पूजन, हजारों भक्तों के पहुंचने की संभावना, भीड़ नियंत्रण को लगाई गई बैरिकेडिंग

वाराणसी। शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर काशी में देवी मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पहले दिन अलईपुर स्थित मां शैलपुत्री के धाम में दर्शन-पूजन के लिए हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाने का काम कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने, आवागमन सुचारु रखने और दर्शन के दौरान किसी तरह की असुविधा से बचाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि मां के दर्शन-पूजन से भक्तों को सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। इसी आस्था के चलते स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचते हैं। भोर से ही दर्शन के लिए कतार लगने की संभावना है।

भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग
मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग की जा रही है। इससे दर्शनार्थियों को कतार में आगे बढ़ाने और भीड़ को एक जगह जमा होने से रोकने में मदद मिलेगी। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर व्यवस्था बनाए रखने के साथ आवागमन को सुचारु रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा जोर
नवरात्र के पहले दिन संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी, श्रद्धालुओं की कतारों के संचालन तथा जरूरत पड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। भक्तों से भी अपील रहेगी कि वे कतार में चलें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।