सावन के पहले सोमवार को सामाजिक समरसता का दिया संदेश, श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा, पिलाई लस्सी
सभी धर्मों के लोगों ने एक मंच पर आकर की शिवभक्तों की सेवा, पूरे सावन प्रत्येक सोमवार तक चलेगा सेवा अभियान
हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों ने मिलकर किया श्रद्धालुओं का स्वागत, पुष्पवर्षा कर शिवभक्तों का अभिनंदन, फलाहारी लस्सी का कराया प्रसाद वितरण
वाराणसी। सावन के प्रथम सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालुओं की सेवा में समाजवादी पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ जुटे रहे। इस अवसर पर आयोजित सेवा शिविर में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का अनूठा संदेश देखने को मिला। समाजवादी युवा वाहिनी के एससी प्रकोष्ठ के सचिव रजत बाल्मीकि तथा समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों ने एक साथ मिलकर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा उन्हें फलाहारी लस्सी का प्रसाद वितरित किया।
सेवा शिविर में पदाधिकारियों ने कहा कि सावन केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सेवा करना सौभाग्य की बात है। इसी भावना के साथ विभिन्न धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के एक मंच पर आकर श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हैं।
रजत बाल्मीकि ने कहा कि सेवा और मानवता का संदेश ही समाज को मजबूत बनाता है। वहीं समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि समाज में प्रेम, सौहार्द और सहयोग की भावना को सशक्त बनाने के लिए ऐसे सेवा कार्य आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को वितरित की जा रही लस्सी पूरी तरह फलाहारी है, जिससे व्रत रखने वाले शिवभक्त भी बिना किसी संकोच के प्रसाद ग्रहण कर सकें।
सेवा शिविर में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं का स्वागत, प्रसाद वितरण और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे सावन के पावन अवसर पर सेवा और सामाजिक सौहार्द का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि यह सेवा अभियान केवल प्रथम सोमवार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे सावन माह के प्रत्येक सोमवार को विभिन्न धर्मों के लोगों की सहभागिता से पुष्पवर्षा, स्वागत और फलाहारी लस्सी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा।