सावन के पहले दिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़े शिवभक्त, 19 घंटे में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सीएम योगी भी पहुंचे 

भगवान शिव के प्रिय सावन मास के पहले दिन गुरुवार को काशी विश्वनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती के बाद से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। महज 19 घंटे के भीतर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। रेलवे स्टेशन से लेकर विश्वनाथ धाम तक पूरे शहर में "हर-हर महादेव" के जयघोष गूंजते रहे।
 

वाराणसी। भगवान शिव के प्रिय सावन मास के पहले दिन गुरुवार को काशी विश्वनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती के बाद से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। महज 19 घंटे के भीतर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। रेलवे स्टेशन से लेकर विश्वनाथ धाम तक पूरे शहर में "हर-हर महादेव" के जयघोष गूंजते रहे।

श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा के जलाभिषेक के लिए विभिन्न मार्गों से मंदिर पहुंचे। सातों प्रवेश द्वारों से श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन कराया गया। मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। लगभग हर 25 से 30 मिनट में हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर रहे थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी, पुलिस, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी।

सीएम योगी ने भी बाबा दरबार में लगाई हाजिरी 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सावन के प्रथम दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से बाबा का दर्शन और पूजन किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि दर्शन व्यवस्था सुचारु, सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे, ताकि किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने विश्वनाथ कॉरिडोर में चल रहे विकास कार्यों और अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

काशी के अन्य शिवालयों में भी भक्तों की भीड़
सावन के पहले दिन केवल विश्वनाथ धाम ही नहीं, बल्कि शहर के प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मार्कण्डेय महादेव मंदिर, तिलभांडेश्वर महादेव, मृत्युंजय महादेव, ओंकारेश्वर महादेव और अन्य शिव मंदिरों में सुबह से देर शाम तक जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का क्रम चलता रहा। दूर-दराज के जिलों से आए कांवड़ियों ने गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। काशी विश्वनाथ धाम सहित प्रमुख शिवालयों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस की तैनाती की गई है। मंडलीय अस्पताल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।


सावन के पहले दिन काशी में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रशासन का अनुमान है कि पूरे सावन माह में लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंचेंगे, जिसके मद्देनजर सभी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया गया है।