सावन के पहले दिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंजी काशी
मंगला आरती के बाद खुले मंदिर के कपाट, पांच प्रवेश द्वारों से श्रद्धालुओं को एंट्री
सीसीटीवी, ड्रोन, जल पुलिस और एनडीआरएफ की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करने की अपील
घाटों पर पुलिस, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें सतर्कता के साथ तैनात
वाराणसी। सावन मास के पहले दिन गुरुवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद जैसे ही बाबा विश्वनाथ का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोला गया, पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठा। तड़के सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों से आए कांवड़ियों और शिवभक्तों की लंबी कतारें दर्शन के लिए लग गईं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन के लिए पांच प्रमुख प्रवेश द्वार निर्धारित किए हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कतारबद्ध दर्शन, पेयजल, चिकित्सा, बैरिकेडिंग तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरे धाम क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। पुलिस बल, जल पुलिस, एनडीआरएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें संवेदनशील स्थलों पर तैनात हैं।
वहीं गंगा के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं से केवल बैरिकेडिंग के भीतर निर्धारित स्थानों पर ही स्नान करने की अपील कर रहा है। घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन और स्नान करने की अपील की है।