रंगभरी एकादशी पर विश्वनाथ धाम में दिखेगी ब्रज के रंगोत्सव की झलक, श्रीकृष्ण जन्मभूमि से बाबा दरबार पहुंचेगी रंगोत्सव यात्रा 

रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी श्री काशी विश्वनाथ धाम में ब्रज की होली का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की ओर से मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थान से गुलाल, प्रसाद और पुष्पों की भव्य यात्रा काशी पहुंचेगी, जिसे बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा।
 

वाराणसी। रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी श्री काशी विश्वनाथ धाम में ब्रज की होली का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की ओर से मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थान से गुलाल, प्रसाद और पुष्पों की भव्य यात्रा काशी पहुंचेगी, जिसे बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा।

27 फरवरी शुक्रवार को रंगभरी एकादशी पर विश्वनाथ धाम में विशेष होली उत्सव आयोजित होगा। इसके लिए 26 फरवरी की प्रातः श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से हरिनाम संकीर्तन और मंगल ध्वनि के बीच सुसज्जित वाहन द्वारा गुलाल यात्रा वाराणसी के लिए रवाना होगी। यात्रा में पूजाचार्य, भक्तगण और ब्रज के रसिक कलाकार शामिल रहेंगे।

विश्वनाथ धाम में पहुंचने के बाद ब्रज से आए भक्तजन बाबा को सवा मन गुझिया प्रसाद, गुलाल, नील गुलाल, फल और पुष्प अर्पित करेंगे। इसके उपरांत ब्रज की पारंपरिक फाग, पुष्प होली और गुलाल होली का आयोजन होगा। काशी में प्रचलित नील गुलाल और भस्म होली के साथ जब ब्रज की रंगारंग होली का संगम होगा, तब शिव और कृष्ण भक्ति की अनूठी आध्यात्मिक एकता के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे।

बताया गया कि गत वर्ष भी जन्मभूमि से भेजा गया गुलाल और प्रसाद बाबा विश्वनाथ की होली में प्रमुख रूप से सम्मिलित हुआ था। इस वर्ष आयोजन को और भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। विशेष आकर्षण के रूप में ब्रजवासी कलाकार विश्वनाथ धाम परिसर में होली गायन, वादन और नृत्य प्रस्तुत करेंगे, जिससे श्रद्धालु ब्रज के फाग का आनंद काशी में ही उठा सकेंगे।

संस्थान का उद्देश्य देश के प्रमुख मंदिरों के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक सहभागिता को सुदृढ़ करना है। इसी कड़ी में काशी और मथुरा के मध्य यह आध्यात्मिक सेतु स्थापित किया जा रहा है। संस्थान ने विश्वनाथ मंदिर न्यास के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं से इस दिव्य आयोजन में सहभागी बनने का आह्वान किया है।