नाग पंचमी पर नाग कुआं में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, तैयारियां अंतिम चरण में

जैतपुरा स्थित प्राचीन नाग कुआं मंदिर में नाग पंचमी को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। नाग पंचमी के अवसर पर यहां स्नान और नाग देवता के दर्शन-पूजन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। धार्मिक मान्यता है कि नाग कुआं में स्नान और नाग देवता की पूजा करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष नाग पंचमी पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
 

देश-विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु, स्नान-दर्शन के लिए बने अलग प्रवेश और निकासी मार्ग

करीब 100 फीट गहरे प्राचीन नाग कुआं में स्नान की विशेष मान्यता, सर्प दोष से मुक्ति के लिए उमड़ेगी भीड़, पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान

रिपोर्ट - ओमकार नाथ

वाराणसी। जैतपुरा स्थित प्राचीन नाग कुआं मंदिर में नाग पंचमी को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। नाग पंचमी के अवसर पर यहां स्नान और नाग देवता के दर्शन-पूजन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। धार्मिक मान्यता है कि नाग कुआं में स्नान और नाग देवता की पूजा करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष नाग पंचमी पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कुएं के चारों ओर बैरिकेडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। इससे स्नान और दर्शन के दौरान भीड़ का दबाव कम करने तथा लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने में मदद मिलेगी।


करीब 100 फीट गहरा है नाग कुआं
मंदिर ट्रस्ट के शास्त्री चंदन पांडे ने बताया कि प्राचीन नाग कुआं करीब 100 फीट गहरा है और इसमें वर्षभर जल रहता है। नाग पंचमी के दिन कुएं में स्नान करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्नान के बाद कई श्रद्धालु कुएं का जल पात्र में भरकर अपने घर ले जाते हैं। मान्यता है कि इस जल का पूजा में प्रयोग करने और घर में रखने से सर्प दोष सहित अन्य बाधाओं से मुक्ति मिलती है।


सुबह से लगने लगेगी लंबी कतार
नाग पंचमी के दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगने की संभावना है। भीड़ बढ़ने पर लाइन मंदिर परिसर से काफी दूर तक पहुंचती है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से प्रवेश कराकर व्यवस्थित तरीके से स्नान और दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है।


रंग-रोगन और सजावट अंतिम दौर में
नाग पंचमी से पहले मंदिर और नाग कुआं परिसर की रंगाई-पुताई का काम कराया जा रहा है। साफ-सफाई, सजावट और श्रद्धालुओं के आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार रंग-रोगन का कार्य शाम तक पूरा होने की उम्मीद है।


पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट है। एसीपी और जैतपुरा इंस्पेक्टर लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी गई है। मंदिर के आसपास के मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। भीड़ के सुचारु आवागमन के लिए पुलिस की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है। मंदिर के आसपास अनावश्यक भीड़ और वाहनों के जमावड़े को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।


सर्प दोष शांति के लिए विशेष पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा और नाग कुआं में स्नान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु नाग देवता को दूध, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। सर्प दोष की शांति के लिए भी लोग यहां विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।