मकर संक्रांति पर डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना, 14 से 18 जनवरी तक रहेगा सबसे अधिक दबाव, मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं की मंत्री ए के शर्मा ने की समीक्षा

लखनऊ। 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना को देखते हुए शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बैठक कर मेला क्षेत्र की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
 

लखनऊ। 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना को देखते हुए शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बैठक कर मेला क्षेत्र की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मकर संक्रांति को लेकर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, निर्बाध बिजली, रैन बसेरा और अलाव व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक भीड़ को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।

14 से 18 जनवरी तक रहेगा सबसे अधिक श्रद्धालुओं का दबाव
मेलाधिकारी श्री ऋषिराज ने बैठक में जानकारी दी कि 10 जनवरी तक लगभग एक करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि 14 जनवरी मकर संक्रांति को डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 14 से 18 जनवरी के बीच मेला क्षेत्र में सबसे अधिक दबाव रहने की आशंका है, जिसे ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं।

भीड़ प्रबंधन और साइनेज पर विशेष जोर
मंत्री श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त और स्पष्ट साइनेज लगाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को घाट, मार्ग, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने भीड़ प्रबंधन को लेकर सतत निगरानी और त्वरित निर्णय लेने पर विशेष जोर दिया।

रेहड़ी-पटरी वालों को न हटाने के निर्देश
बैठक में मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मेला और त्योहार रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका का प्रमुख आधार होते हैं। इसलिए अतिक्रमण के नाम पर उन्हें अनावश्यक रूप से न हटाया जाए। उन्होंने प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आजीविका और व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य और आपात सेवाएं पूरी तरह सक्रिय
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए मेलाधिकारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में ‘त्रिवेणी’ और ‘गंगा’ नाम से दो बड़े अस्पताल स्थापित किए गए हैं, जहां एक्स-रे की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक 31,651 ओपीडी पंजीकरण हो चुके हैं। इसके अलावा 80 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह सक्रिय हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी कड़ी नजर
प्रमुख स्नान पर्वों को देखते हुए एसपी मेला ने मंत्री को ट्रैफिक कंट्रोल रूम, अग्निशमन व्यवस्था और साइबर क्राइम सुरक्षा की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक मेला अनुभव देने के लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें।

आई ट्रिपल सी का किया निरीक्षण
बैठक के बाद मंत्री शर्मा ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आई ट्रिपल सी) का निरीक्षण किया और भीड़ प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति जैसे बड़े पर्व पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मेलाधिकारी श्री ऋषिराज, विशेष सचिव नगर विकास श्री सत्य प्रकाश पटेल, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी श्री शंभू कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।