कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, मालवीय हेल्पिंग हैंड्स सोसाइटी ने वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वाराणसी। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर द मालवीय हेल्पिंग हैंड्स सोसाइटी की ओर से रविवार को अमर शहीदों की स्मृति में वृक्षारोपण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से करगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। संस्था के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पौधरोपण किया तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत करगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर सैनिकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और उनके त्याग को स्मरण किया। इसके बाद विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि करगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और अटूट राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। वर्ष 1999 में करगिल की दुर्गम चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए दुश्मनों को परास्त किया और देश की अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि देश आज भी उन अमर शहीदों का ऋणी है, जिनके बलिदान के कारण प्रत्येक भारतीय सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने से होगी। पर्यावरण संरक्षण भी राष्ट्र सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। जिस प्रकार सैनिक सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाए। वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण संतुलित रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित होता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। साथ ही लोगों से अपने आसपास हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र सेवा और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के समापन पर संस्था की ओर से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। संस्था ने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ राष्ट्रहित के कार्यों को और अधिक गति मिल सके।