गंगा सप्तमी पर काशी विश्वनाथ धाम में सजी भव्य सांस्कृतिक संध्या, भक्ति और कला का अद्भुत संगम

गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम ने पूरे धाम को भक्ति, संगीत और नृत्य की दिव्य प्रस्तुतियों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा और श्रद्धालुओं ने गहन आध्यात्मिक अनुभव किया।
 

वाराणसी। गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम ने पूरे धाम को भक्ति, संगीत और नृत्य की दिव्य प्रस्तुतियों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा और श्रद्धालुओं ने गहन आध्यात्मिक अनुभव किया।

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ तनु प्रियंका एवं उनके समूह द्वारा प्रस्तुत भजन-गायन से हुआ, जिसने उपस्थित लोगों को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया। इसके बाद राहुल मुखर्जी ने नृत्य-नाटिका की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम की सबसे आकर्षक प्रस्तुति कोलकाता से आए कलाकार मोऊ दत्ता और अश्मिता राय की कथक जुगलबंदी रही। उनकी लय, भाव और ताल के समन्वय ने पूरे आयोजन को एक सूत्र में बांध दिया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

धर्म, अध्यात्म और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान धाम का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिसने काशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।