दीपावली पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर को मिला नया बाजार, गिफ्ट हैंपर में दिखेगी पारंपरिक उत्पादों की चमक
11 तरह के पारंपरिक और पूजन सामग्री के उत्पादों से तैयार हो रहे आकर्षक गिफ्ट हैंपर
4 स्वयं सहायता समूहों की 18 महिलाएं तैयार कर रही हैं दीपावली के विशेष हैंपर
प्रेरणा मार्ट बना ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों की बिक्री का मजबूत माध्यम, वाराणसी में संचालित हैं 65 दुकानें
वाराणसी, 31 अक्टूबर। इस दीपावली घरों में सजने वाले उपहारों में ग्रामीण महिलाओं के हुनर और मेहनत की झलक भी दिखाई देगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत वाराणसी में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं हस्तनिर्मित और पारंपरिक उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को आकर्षक रूप देते हुए विशेष दीपावली गिफ्ट हैंपर तैयार किए जा रहे हैं। योगी सरकार ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भरता की नई राह दे रही है। इस प्रयास से महिलाओं को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है, वहीं पारंपरिक उत्पादों को भी नई पहचान मिल रही है। उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने इन गिफ्ट हैंपर को बाजार में बिक्री के लिए लॉन्च किया।
18 महिलाओं के हुनर से तैयार हो रहे 11 तरह के उत्पाद
उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्य में चार स्वयं सहायता समूहों की 18 महिलाएं जुटी हैं। उनके द्वारा तैयार किए जा रहे गिफ्ट हैंपर में कुल 11 प्रकार के पारंपरिक एवं पूजन सामग्री से जुड़े उत्पाद शामिल किए गए हैं। इन सभी उत्पादों को एक साथ आकर्षक ढंग से पैक कर दीपावली के विशेष गिफ्ट हैंपर का रूप दिया जा रहा है।
गिफ्ट हैंपर में शामिल उत्पाद हैं-
- माता लक्ष्मी एवं भगवान गणेश जी के वस्त्र
- भगवान जी की आसनी
- तोरण
- कप धूप
- गाय के गोबर से निर्मित गौरी-गणेश
- मिट्टी के दीपक
- माता लक्ष्मी के चरण पादुका
- जनेऊ
- मौली (कलावा)
- देशी घी से निर्मित रुई की बत्ती
- रोली एवं अक्षत
इस कार्य को सफल बनाने में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान की पीएसओ सुश्री लक्ष्मी विश्वकर्मा का विशेष तकनीकी सहयोग मिल रहा है। उनके मार्गदर्शन में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से गिफ्ट हैंपर के रूप में तैयार किया जा रहा है। इससे उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और बाजार में स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
प्रेरणा मार्ट से महिलाओं के उत्पादों को मिल रहा बाजार
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराने में प्रेरणा मार्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उपायुक्त स्वतः रोजगार ने बताया कि प्रेरणा मार्ट महिलाओं के उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। वाराणसी जनपद में प्रेरणा मार्ट की कुल 65 दुकानें संचालित हैं, जिनका संचालन स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं करती हैं। जिले के आठों ब्लॉकों में आठ-आठ प्रेरणा मार्ट की दुकानें हैं। इसके अतिरिक्त विकास भवन स्थित आकांक्षा मार्ट में भी स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद उपलब्ध हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। जिला मिशन प्रबंधक विक्रम सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हो रहा यह प्रयास महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पारंपरिक एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर को पहचान दिलाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है।
स्थानीय उत्पादों को अपनाने से महिलाओं की मेहनत को मिलेगी नई पहचान
वर्जन
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि दीपावली के अवसर पर पारंपरिक एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने हुनर के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, त्योहारों पर उपहार के रूप में स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को अपनाने से ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को भी नई पहचान मिलेगी।