अक्षय तृतीया पर ओमकार खंड अंतर्गृही यात्रा: भीषण गर्मी में भी अटूट रही शिवभक्तों की आस्था
वाराणसी। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर काशी में पारंपरिक ओमकार खंड अंतर्गृही पदयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। श्री लाट भैरव काशी यात्रा मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल मछोदरी पार्क (मत्स्योदरी तीर्थ) में जलमार्जन कर यात्रा का शुभारंभ किया।
यात्रा के संयोजक केवल कुशवाहा ने बताया कि काशी तीन प्रमुख खंडों ओंकारखण्ड, विश्वेश्वरखण्ड और केदारखण्ड में विभाजित है। इनमें ओंकारखण्ड का विशेष महत्व है, जहां 108 शिवालयों में दर्शन-पूजन के साथ अंतर्गृही यात्रा सम्पन्न की जाती है। काशी खंडोक्त इन शिवालयों के दर्शन से भक्तों को विशेष पुण्य प्राप्त होता है और यह यात्रा कष्टों के निवारण तथा मनोकामना पूर्ति का माध्यम मानी जाती है।
भीषण गर्मी और तपती दोपहर के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भक्तों ने जगह-जगह रुककर देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक किया और अपनी आस्था प्रकट की। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान और विश्राम की व्यवस्था भी की गई थी।
यह पदयात्रा ओमकारेश्वर से प्रारंभ होकर गायघाट, पक्के महाल की गलियों, हड़हा सराय, कर्णघंटा, जालपा, कबीरचौरा, महामृत्युंजय, नागकुआं, शैलपुत्री, पीलीकोठी, हनुमान फाटक, तेलियाना, कज्जाकपुरा और कोनियां जैसे प्रमुख स्थलों से होती हुई आदिकेशव घाट पहुंची। वहां से पुनः ओमकारेश्वर मंदिर में समापन किया गया।
यात्रा में धर्मेंद्र शाह, रितेश कुशवाहा, उत्कर्ष कुशवाहा, जयप्रकाश राय, अनुराग सेठ, आकाश शाह, गीता देवी, आशीष कुशवाहा, आनंद मौर्य, रामसहाय, सुशील सक्सेना, रूपेश वर्मा, केशरी कुमार राय, श्रेया, रमाकांत, शिवप्रसाद अग्रहरि, मुकेश राय, ज्ञानदास वर्मा, गुनगुन, रानी देवी और राजू विश्वकर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।