NEET पेपर लीक के खिलाफ वाराणसी में NSUI का कैंडल मार्च रोका गया, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
वाराणसी। देश भर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को वाराणसी में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया।
यह कैंडल मार्च दिवंगत छात्र ऋतिक मिश्रा की स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मोमबत्तियां, तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण ढंग से भारत माता मंदिर की ओर बढ़ रहे थे।
हालांकि विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और छात्र नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्र नेताओं का आरोप था कि प्रशासन ने उनकी शांतिपूर्ण आवाज को दबाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यह मार्च केवल श्रद्धांजलि और युवाओं के भविष्य की चिंता को लेकर था, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया गया।
NSUI नेताओं ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग उठाई।
प्रशासन की निगरानी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, लेकिन छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।