मणिकर्णिका घाट पर मंदिर–प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं, AI वीडियो से फैलाया जा रहा भ्रम: नीलकंठ तिवारी

वाराणसी। विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर कथित बुलडोजर कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला केवल प्रशासनिक न रहकर राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन गया है। इंदौर से लेकर काशी तक विरोध की आवाजें उठने लगीं और रानी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े धार्मिक स्थलों व कलाकृतियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए जाने लगे। इसी के बाद शुक्रवार को नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
 

वाराणसी। विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर कथित बुलडोजर कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला केवल प्रशासनिक न रहकर राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन गया है। इंदौर से लेकर काशी तक विरोध की आवाजें उठने लगीं और रानी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े धार्मिक स्थलों व कलाकृतियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए जाने लगे। इसी के बाद शुक्रवार को नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

मेयर, नगर आयुक्त और विधायक ने किया स्थल निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर अशोक तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी मणिकर्णिका घाट पहुंचे और चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी ली और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को परखा।

विपक्ष AI से तैयार वीडियो के जरिए फैला रहा भ्रम: विधायक
निरीक्षण के बाद विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मणिकर्णिका घाट पर किसी भी मंदिर या प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा एआई तकनीक से तैयार किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर भ्रम फैलाया जा रहा है। विधायक ने कहा कि घाट का नवीनीकरण पूरी तरह योजनाबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।

मूर्तियां सुरक्षित, रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा होगी पुनः स्थापित
डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि ड्रिलिंग के दौरान वाइब्रेशन से जिन हिस्सों में मूर्तियां रखी थीं, उन्हें एहतियातन संस्कृति विभाग के संरक्षण में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद उसे सम्मानपूर्वक फिर से स्थापित किया जाएगा।

हरिश्चंद्र घाट के साथ मणिकर्णिका घाट का भी हो रहा जीर्णोद्धार
विधायक ने जानकारी दी कि हरिश्चंद्र घाट के साथ-साथ मणिकर्णिका घाट का भी व्यापक जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इस कार्य के पूरा होने के बाद घाट पर शौचालय, चेंजिंग रूम और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे श्रद्धालुओं और शवदाह के लिए आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

स्थानीय समाज और व्यवसायियों का मिल रहा समर्थन
डॉ. नीलकंठ तिवारी के अनुसार घाट के विकास कार्य को पंडा समाज, स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना काशी की परंपरा, आस्था और सुविधा—तीनों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है और किसी भी धार्मिक भावना को ठेस नहीं पहुंचने दी जाएगी।

वायरल वीडियो के बाद सियासी बयानबाजी तेज
गौरतलब है कि वायरल वीडियो के बाद विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए, वहीं अब निरीक्षण और आधिकारिक बयानों के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। मणिकर्णिका घाट का यह मामला फिलहाल राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

देखें वीडियो 

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