New Year 2026 : अस्सी घाट पर नए साल का भव्य स्वागत, उमड़ी सैलानियों की भीड़, दिखा उल्लास

नववर्ष 2026 के आगमन पर काशी के ऐतिहासिक अस्सी घाट पर आस्था, उल्लास और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला। नए साल की सुबह की पहली किरण से ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। ठंडी हवा के बीच उगते सूर्य की लालिमा, गंगा की लहरों पर सजी नावें और घाटों पर गूंजते मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। लोगों ने गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और नौका विहार के साथ नए वर्ष की सकारात्मक शुरुआत की।
 

वाराणसी। नववर्ष 2026 के आगमन पर काशी के ऐतिहासिक अस्सी घाट पर आस्था, उल्लास और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला। नए साल की सुबह की पहली किरण से ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। ठंडी हवा के बीच उगते सूर्य की लालिमा, गंगा की लहरों पर सजी नावें और घाटों पर गूंजते मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। लोगों ने गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और नौका विहार के साथ नए वर्ष की सकारात्मक शुरुआत की।

नववर्ष पर संभावित भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पहले से पूरी तरह सतर्क रहे। अस्सी घाट सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, जल पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात रहीं। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी का सहारा लिया गया, जिससे हर गतिविधि पर लगातार निगरानी बनी रही।

एसीपी भेलूपुर के नेतृत्व में प्रशासन ने विशेष रूप से नौका विहार को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू किए। सभी नाविकों को यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने, नावों में अग्निशमन यंत्र रखने और क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। नाबालिगों द्वारा नाव चलाने और नशे की हालत में नौका संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के चलते नाविकों ने भी जिम्मेदारी के साथ नियमों का पालन किया।

पर्यटकों से मनमानी वसूली रोकने के लिए प्रशासन ने घाटों पर तय किराया सूची चस्पा कराई। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे, जिससे किसी तरह की अवैध वसूली की शिकायत सामने नहीं आई। गंगा आरती के दौरान भी विशेष सतर्कता बरती गई। नावों को एक स्थान पर इकट्ठा होने से रोका गया और उन्हें निर्धारित दूरी पर रखने के निर्देश दिए गए, ताकि नदी में अव्यवस्था या दुर्घटना की आशंका न रहे।

स्वास्थ्य और आपात सेवाओं की दृष्टि से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाट के पास एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और मेडिकल स्टाफ तैनात रहा। भीड़ के दबाव से उत्पन्न होने वाली छोटी-मोटी स्थितियों को मौके पर ही नियंत्रित कर लिया गया। कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। नववर्ष पर अस्सी घाट पहुंचे पर्यटकों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि काशी में नए साल का अनुभव आध्यात्मिक होने के साथ-साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहा। स्थानीय निवासियों का भी मानना है कि इस बार पहले की तुलना में व्यवस्थाएं अधिक अनुशासित और प्रभावी दिखीं।